Saturday, September 5, 2009

बिग बॉस-3 की मेजबानी करेंगे बिग बी

मुंबई। बिग-बी नाम से मशहूर बॉलीवुड सुपरस्टार अमिताभ बच्चन चार साल के अंतराल के बाद एक बार फिर छोटे पर्दे पर वापसी करने जा रहे हैं। अमिताभ रिएलिटी शो बिग-बॉस की मेजबानी करते दिखेंगे।
एक सूत्र ने बताया कि कलर्स चैनल पर प्रसारित होने वाले इस कार्यक्रम के तीसरे संस्करण में अमिताभ बतौर मेजबान बॉलीवुड अभिनेत्री शिल्पा शेट्टी का स्थान लेंगे। ब्रिटेन के रिएलिटी कार्यक्रम बिग ब्रदर का रूपांतरण माने जाने वाले बिग-बॉस का प्रसारण इस साल दिसंबर से शुरू किया जा सकता है। अमिताभ इससे पहले भी टीवी कार्यक्रम की मेजबानी कर चुके हैं। वह भारतीय टेलीविजन जगत के सबसे मशहूर गेम-शो कौन बनेगा करोड़पति के मेजबान के तौर पर लगातार दो संस्करणों में दर्शकों का मनोरंजन कर चुके हैं।
बिग-बॉस का पहली बार प्रसारण 2006 में किया गया था और उस संस्करण के प्रस्तोता बॉलीवुड अभिनेता अरशद वारसी थे। इसके बाद बिग ब्रदर का खिताब जीतने वाली शिल्पा ने यह जिम्मेदारी संभाली थी, और अब बारी है बिग बी की।

-raghuvendra singh


मेरी टीचर वंडरफुल

चुटकी में सुलझाती हैं समस्या-अविनाश मुखर्जी
मैं मुंबई के रेयान इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ता हूं। स्कूल की प्रिंसिपल अंजलि बोवेन मेरी आदर्श टीचर हैं। मैं उन्हें अंजलि मिस बुलाता हूं। वे ऊपर से बहुत सख्त, लेकिन अंदर से नरम हैं। वे बहुत स्वीट हैं। वे स्कूल के बच्चों को हमेशा अच्छी-अच्छी बातें सिखाती हैं। वे बहुत अच्छी वक्ता हैं। उन्हें हमेशा सुनने का मन करता है। वैसे तो मेरा पढ़ने में मन नहीं लगता, लेकिन जब वे कोई स्पेशल क्लास लेती हैं तो मैं मिस नहीं करता। एक्चुअली, वे बहुत स्वीट बोलती हैं। उन्होंने मुझे क्लास का डिसिप्लिन इंचार्ज बनाया है।
अंजलि मिस मुझे बहुत मानती हैं। मैं जब बालिका वधू सीरियल में काम नहीं करता था, तब भी वे मुझे प्यार करती थीं। मैं जब किसी समस्या में फंसता हूं तो सीधे उन्हीं के पास जाता हूं। वे मुझे प्यार से अपने पास बैठाती हैं और एक पल में मेरी समस्या का अंत कर देती हैं। अंजलि मिस को मैं अपनी सेकेंड मॉम मानता हूं। मैं उनकी बहुत रिस्पेक्ट करता हूं। मैं आज भले ही पॉपुलर हो गया हूं, लेकिन वे मेरे साथ अलग बर्ताव नहीं करतीं। मैं गलती करता हूं तो वे डांटती हैं। पिछले दिनों की बात है। एक दिन वे क्लास में आईं और मेरी तरफ इशारा करके कहने लगीं कि मैं जानती हूं कि तुम आजकल क्या कर रहे हो? मैं डर गया, लेकिन बाद में पता चला कि वे मेरे शो की बात कर रही थीं। उस वक्त बालिका वधू में मेरा किरदार जगदीश सिगरेट पीना सीख रहा था।
अंजलि मिस की खासियत है कि वे सभी बच्चों को एक नजर से देखती हैं। वे स्कूल के सभी बच्चों की फ्रेंड हैं। कभी-कभी वे हमारे साथ गेम में हिस्सा लेती हैं और हमारा उत्साह बढ़ाती हैं। मैं जब कभी न्यूज चैनल पर देखता हूं कि फलां टीचर ने अपने स्टूडेंट की जमकर पिटाई की तो मुझे दुख होता है। हमारे स्कूल की टीचर तो ऐसा नहीं करतीं। मैं चाहूंगा कि हमारे टीचर जैसी सबको टीचर मिलें। मैंने अपने सहपाठियों के साथ प्लान किया है कि आज टीचर्स डे के दिन हम अपने स्कूल की सभी टीचर्स को विश करेंगे और उन्हें ग्रीटिंग कार्ड देंगे। मैं अंजलि मिस के लिए एक खास तोहफा भी ले जा रहा हूं।
सबसे कुछ सीखती हूँ- अविका गोर
मैं अपने स्कूल की टीचर को ही अपना टीचर नहीं मानती। मेरा टीचर प्रत्येक वह व्यक्ति है, जिससे मैं प्रतिदिन की जिंदगी में कुछ न कुछ सीखती हूं। फिर चाहे वह मेरे रेयान इंटरनेशनल स्कूल की प्रिंसिपल अंजलि मिस हो या मेरी क्लास टीचर संगीता मिस, चाहे मेरी मम्मी हो या पापा या फिर बालिका वधू सीरियल के सेट पर काम करने वाले ब्वॉय। मेरी क्लास टीचर यदि मुझे मेहनत करना और अनुशासित जीवन जीने का पाठ पढ़ाती हैं तो मम्मी प्रैक्टिकल लाइफ को एंज्वॉय करना सिखाती हैं। पापा मेरे साथ रोज बालिका वधू के सेट पर जाते हैं और वे मुझे डायलॉग याद कराते हैं। मेरे सीरियल के सेट पर जो ब्वॉय हर वक्त लोगों को चाय-पानी देता है, उससे मैं सेवा भाव सीखती हूं। मैं प्रतिदिन सुबह से शाम तक इन लोगों से कुछ न कुछ सीखती हूं। मेरे लिए टीचर की परिभाषा अलग है। मैं टीचर्स डे के स्पेशल दिन अपने सभी टीचर्स से कहना चाहूंगी कि अविका आप सबसे बहुत प्यार करती है। यदि मुझ से कोई गलती हुई है तो प्लीज मुझे माफ कर दीजिए। मैंने अपनी प्रिंसिपल और क्लास टीचर के लिए अपने हाथ से ग्रीटिंग कार्ड बनाए हैं। उन्हें मैं फ्लावर के साथ टीचर्स को दूंगी।
-रघुवेन्द्र सिंह

Thursday, September 3, 2009

लकी हूं मैं-समीर दत्तानी

फिल्मकार श्याम बेनेगल की फिल्म वेलडन अब्बा के बाद समीर दत्तानी ने करण जौहर की आई हेट लव स्टोरी साइन की है। वे खुशी से कहते हैं, मेरे करियर का बुरा वक्त बीत गया है। मैं बहुत लकी हूं। तभी मुझे श्याम बेनेगल जैसे वरिष्ठ फिल्मकार के साथ काम करने का मौका मिला। उनके साथ कलाकार काम करने के लिए तरसते हैं। खुशी की बात यह है कि इस फिल्म की शूटिंग अभी खत्म हुई थी कि मेरे पास करण जौहर की आई हेट लव स्टोरी का ऑफर आ गया। यह यंग रोमांटिक कॉमेडी है। मुझे फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत अच्छी लगी। इसलिए मैंने हां कह दिया। इस फिल्म को पुनीत मल्होत्रा निर्देशित करेंगे। इसमें इमरान खान और सोनम कपूर केंद्रीय भूमिका में हैं। यह मेरे करियर की बेस्ट फिल्म होगी। मैं इसकी शूटिंग शुरू होने का उत्सुकता से इंतजार कर रहा हूं।
श्याम बेनेगल की वेलडन अब्बा का जिक्र होने पर समीर उत्साह से कहते हैं, यह व्यंग्यात्मक कॉमेडी है। फिल्म मौजूदा राजनैतिक और सामाजिक व्यवस्था पर कटाक्ष करती है। इसकी कहानी आंध्र प्रदेश पर बेस्ड है। मैं इसमें आरिफ की भूमिका निभा रहा हूं। बोमन ईरानी फिल्म में अब्बा बने हैं। इसमें मेरे अपोजिट मिनिषा लांबा हैं। हमारे अलावा फिल्म में इला अरुण, रजत शर्मा, सोनाली कुलकर्णी और यशपाल शर्मा अहम भूमिका में नजर आएंगे। यह दिसंबर में प्रदर्शित होगी।
समीर को यकीन है कि इस फिल्म के प्रदर्शन के बाद उनके प्रति लोगों की सोच बदलेगी। वे कहते हैं, मैंने हमेशा अच्छी फिल्में की हैं। यह अलग बात है कि उनमें से कुछ बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलीं, लेकिन बॉक्स-ऑफिस के कलेक्शन के आधार पर कलाकार का आकलन करना उचित नहीं है। मैं शिकायत नहीं कर रहा हूं। मैं अपनी बात रख रहा हूं। वैसे वेलडन अब्बा के प्रदर्शन के बाद निश्चित ही मेरी छवि बदलेगी। मेरे बारे में लोगों की सोच बदलेगी। आजकल मैं परसेप्ट पिक्चर कंपनी की हॉरर फिल्म 8 की शूटिंग कर रहा हूं। यह मॉडर्न स्टाइलिश हॉरर फिल्म है। मैं इस बात से बेहद खुश हूं कि वेलडन अब्बा, आई हेट लव स्टोरी और 8 तीनों अलग जॉनर की फिल्में हैं।
समीर अब खुद को जिम्मेदार महसूस कर रहे हैं। वे कहते हैं, फिल्म इंडस्ट्री के अनुभव ने मुझे सीखा दिया है। खुश हूं कि कम समय में मैंने बहुत कुछ सीख लिया। अब दूसरों के अनुभव की बजाए मैं अपने अनुभव से काम करूंगा। भावी योजनाओं के बारे में पूछने पर वे कहते हैं, हमारी लाइन ऐसी है कि यहां योजना बनाकर काम नहीं किया जा सकता। ऐसा इसलिए, क्योंकि कलाकार के हाथ में कुछ नहीं होता। मेरे सामने जो काम आता है, उसमें से बेस्ट चुन लेता हूं। वर्ष के अंत में करण जौहर की फिल्म की शूटिंग शुरू होगी। अभी मैं वेलडन अब्बा की रिलीज का इंतजार कर रहा हूं। मेरी दो साउथ की फिल्में भी प्रदर्शन के लिए तैयार हैं।
-raghuvendra singh

Wednesday, September 2, 2009

अच्छी स्क्रिप्ट की तलाश में हूँ-आफताब शिवदासानी/ मुलाकात

आफताब शिवदासानी की रुचि इधर रोमांटिक कॉमेडी फिल्मों में बढ़ गई है। उनकी फिल्में दे ताली, मनी है तो हनी है, आलू चाट और कमबख्त इश्क रोमांटिक कॉमेडी थीं। इस कड़ी में अब नई फिल्म डैडी कूल का नाम जुड़ चुका है। यह फिल्म के.मुरली मोहन राव द्वारा निर्देशित है। आफताब अपना मत रखते हैं, मैं जान-बूझकर इस जॉनर की फिल्में नहीं कर रहा हूं। मुझे जो स्क्रिप्ट और निर्देशक अच्छे लगते हैं, उनकी फिल्म मैं साइन कर लेता हूं। वैसे, डैडी कूल ब्लैक कॉमेडी है। ऐसी फिल्म मैंने पहली बार करी है।
इन्द्र कुमार और अशोक ठाकरिया निर्मित डैडी कूल में आफताब के साथ सुनील शेट्टी, आरती छाबरिया, आशीष चौधरी, चंकी पांडे, जावेद जाफरी और ट्यूलिप जोशी नजर आएं। इसका हिस्सा बनने के बारे में वे कहते हैं, मैंने 2004 में इन्द्र कुमार के साथ मस्ती फिल्म की थी। मुझे उनके साथ काम करके मजा आया। वे मेरे पास इस फिल्म का ऑफर लेकर आए, तो मुझे खुशी हुई। मैंने स्क्रिप्ट सुनी, तो मुझे अपना किरदार पसंद आया। मैंने उनसे कहा कि फिल्म कर रहा हूं। यह मस्ती से अधिक मजेदार फिल्म है।
डैडी कूल की खासियत आफताब बताते हैं, इसमें सिचुएशनल कॉमेडी है। निर्देशक ने कहानी इस तरह से लिखी है कि किसी की भावना को ठेस न पहुंचे। निर्देशक के.मुरली मोहन राव के साथ आफताब ने 2002 में क्या यही प्यार है फिल्म की थी। दोबारा उनके साथ काम करने का अनुभव वे बताते हैं, के.मुरली मोहन अनुशासित निर्देशक हैं। वे कलाकारों से उनकी सुविधा के अनुसार काम लेते हैं। वे चीखते-चिल्लाते नहीं हैं। उनके काम के अंदाज में उनका अनुभव झलकता है। मुझे उनके साथ काम करके हर बार मजा आया।
कमबख्त इश्क की सफलता से आफताब काफी उत्साहित थे ही। उनका मानना है कि फिल्म की सफलता का लाभ इससे जुड़े हर कलाकार को ही होता है। आफताब की अगली फिल्म संजय गुप्ता निर्मित ऐक्शन थ्रिलर एसिड फैक्ट्री होगी। उसके अलावा उनके पास कोई और फिल्म नहीं है। आफताब कहते हैं, अब मैं सोच-समझकर किसी फिल्म के लिए हां कहता हूं। मैंने हाल में एक नई फिल्म साइन की है। उसके लिए मैंने दस किलो वजन बढ़ाया है। मैं हमेशा अपनी इमेज के साथ प्रयोग करता रहा हूं, लेकिन वजन पहली बार किसी फिल्म के लिए बढ़ाया है। फिलहाल, मैं उस फिल्म के बारे में अधिक नहीं बता सकता।
लंबे समय से आफताब शिवदासानी के फिल्म निर्माण में आने की चर्चा है। उस बारे में पूछने पर वे कहते हैं, सच है कि मैं फिल्म निर्माण में आ रहा हूं। मैंने खुद यह बात कही है, लेकिन अभी तक मुझे अच्छी स्क्रिप्ट नहीं मिली है। मैं अच्छी स्क्रिप्ट की तलाश में हूं। उम्मीद है, जल्द ही काम शुरू करुंगा।
-raghuvendra singh

Tuesday, September 1, 2009

अब अभिनय करेंगे सुखविंदर सिंह | खबर

अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त गायक सुखविंदर सिंह जल्द ही बड़े पर्दे पर अभिनय करते नजर आएंगे। उन्होंने जगबीर दाहिया की फिल्म खुदी को कर बुलंद इतना साइन की है। इस फिल्म में सुखविंदर म्यूजिक टीचर की केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, खुदी को कर बुलंद इतना तीन दोस्तों की कहानी है। इसमें सुखविंदर सिंह केंद्रीय भूमिका में दिखाई देंगे। उनके ओपोजिट नई लड़की श्रिया होंगी। सुखविंदर को फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत अच्छी लगी इसीलिए नए बैनर और नए निर्देशक के बावजूद उन्होंने फिल्म में अभिनय करने के लिए हां कह दिया। वे फिल्म में छोटे शहर के म्यूजिक टीचर की भूमिका प्ले कर रहे हैं। खास बात है किसुखविंदर सिंह ने फिल्म की शूटिंग भी खत्म कर ली है और उन्होंने किसी को इस बात की भनक तक नहीं लगने दी। आजकल फिल्म का पोस्ट-प्रोडक्शन कार्य चल रहा है। गौरतलब है कि गायकसुखविंदर सिंह के मन में लंबे समय से अभिनय करने की ख्वाहिश थी। वे सही अवसर का इंतजार कर रहे थे। सुखविंदर की पहली फिल्म खुदी को कर बुलंद इतना वर्ष के अंत तक प्रदर्शित होगी।
-रघुवेन्द्र सिंह

अक्षय हैं स्वीट | रुपाली गांगुली

रिअॅलिटी शो फीयर फैक्टर के पार्ट टू में अभिनेत्री रुपाली गांगुली पहली बार अलग अंदाज में नजर आएंगी। अब तक उन्हें धारावाहिकों में घरेलू महिलाओं की भूमिका में देखा गया है। रुपाली कहती हैं, मैं इस शो को लेकर उत्साहित हूं। मुझे जिंदगी में पहली बार इतना रोमांचक शो करने को मिला है। मेरे पास जब शो का ऑफर आया, तब मैं दुविधा में थी कि करूं या नहीं, क्योंकि मैंने बचपन से लेकर आज तक ऐसा काम नहीं किया। बाद में मैंने सोचा कि ऐसे शो का हिस्सा बनने का मौका सबको नहीं मिलता। मैंने फौरन हां कह दिया।
शो बिग बॉस में रुपाली अक्सर रोती दिखती थीं। उन्हें लोगों की छोटी-छोटी बातें ठेस पहुंचाती थीं। इस शो में उन्होंने स्टंट कैसे किए? जवाब में वे कहती हैं, यही तो ताज्जुब वाली बात है। मैं बहुत इमोशनल हूं। मुझे छोटी-छोटी बातें लग जाती हैं। मैं आसानी से रो देती हूं। बिग बॉस के घर से बाहर आने के बाद मेरी छवि रोने-धोने वाली महिला की बन गई, लेकिन मुझे उससे कोई फर्क नहीं पड़ा। उस शो से लोग यह भी जान गए कि मैं ईमानदार हूं। मैं इस शो में भी खूब रोई हूं। मैं हर स्टंट करने से पहले रोती थी। कई बार शो छोड़कर भागने का खयाल भी मेरे मन में आया। मुझे नहीं पता कि मैंने शो में क्या और कैसे किया है, लेकिन मैं खुश बहुत हूं।
रुपाली आगे कहती हैं, मैं शो की फैन हूं। हालांकि मैं ऐडवेंचरस बिल्कुल नहीं हूं। अक्षय कुमार के साथ शूटिंग करने के अनुभव रुपाली बताती हैं, अक्षय से मेरी पुरानी जान-पहचान थी। उन्होंने मेरे पापा अनिल गांगुली की फिल्म दिल की बाजी में काम किया था। वे बहुत स्वीट हैं। लोगों की खिंचाई करना उनकी आदत है। उन्होंने मेरी भी बहुत खिंचाई की, लेकिन साथ ही मेरा मार्गदर्शन भी किया। सभी प्रतियोगी उन्हें सर कहते थे। स्टंट करने से पहले कोई प्रतियोगी नर्वस होता था, तो वे उसका हौसला बढ़ाते थे।
रुपाली अपने अभिनय करियर से खुश हैं। संजीवनी, साराभाई वर्सेज साराभाई और बिग बॉस जैसे लोकप्रिय शो के बाद वे फीयर फैक्टर का हिस्सा बनकर गर्व महसूस करती हैं। वे कहती हैं, मैंने शुरू से अलग काम करने की कोशिश की। दर्शकों ने हर शो में मुझे नए अंदाज में देखा, लेकिन सच कह रही हूं, मैंने सपने में भी नहीं सोचा था कि मैं इस रोमांचक शो का हिस्सा बनूंगी। उम्मीद है कि इसमें मेरी उपस्थिति दर्शकों के लिए मनोरंजक होगी। लोग पहली बार मुझे स्टंट करते देखेंगे। मैं सबकी प्रतिक्रिया जानने का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं। बिग बॉस के बाद इस शो में रुपाली फिर कैरल ग्रेसियस के साथ नजर आएंगी। वे शो में कैरल की उपस्थिति से उत्सुक हैं। भावी योजनाओं के बारे में वे कहती हैं, शो फीयर फैक्टर के बाद उम्मीद है कि मेरे बारे में लोगों की सोच बदलेगी। मुझे अच्छा काम मिलेगा। मैं ऐसे ही और शो का हिस्सा बनना चाहूंगी।
-रघुवेन्द्र सिंह

टीचर मुझे पीटती थीं: रमेश खट्कर | मुलाकात

हरियाणा के जींद जिले से निर्देशक बनने की चाहत लिए 1996 में रमेश खट्कर मुंबई आए। इसी वर्ष उन्होंने जी टीवी के लिए एनकाउंटर सीरियल का निर्देशन किया। सीरियल रामगोपाल वर्मा को इतना पसंद आया कि उन्होंने रमेश को एक रोमांटिक फिल्म लिखने को दे दी। फिल्म मस्त रमेश ने ही लिखी थी। जंगल और कंपनी फिल्मों में रामू के मुख्य सहायक रहे रमेश अपनी पहली फिल्म टॉस लेकर आ रहे हैं। बातचीत रमेश से..
निर्देशक बनने का निर्णय आपने कब लिया?
मैंने बचपन में तय कर लिया था कि फिल्म निर्देशक बनना है। मैं स्कूल जाते समय दीवारों पर लगे फिल्मों के पोस्टर ध्यान से पढ़ता था और क्लास में टीचर से फिल्म के लेखक और निर्देशक के बारे में पूछता था। टीचर कहती थीं कि लड़का बिगड़ रहा है। वे मेरी जमकर पिटाई करती थीं। मैं सिनेमा से बहुत प्रभावित था। सिनेमा का आकर्षण मुझे मुंबई खींचकर लाया।
आपने निर्देशन का प्रशिक्षण लिया था कि मुंबई आते ही निर्देशित करने का मौका मिल गया?
मैंने कोई प्रशिक्षण नहीं लिया है। मैं मुंबई आकर किसी निर्देशक को असिस्ट करना चाहता था। मेरे एक मित्र जी टीवी में काम करते थे। उनके सहयोग से मुझे एनकाउंटर निर्देशित करने का मौका मिला। रामू ने वह सीरियल देखा और मुझे मिलने के लिए बुलाया। मैं जब उनसे मिला, तो उन्होंने कहा कि मेरे लिए एक फिल्म लिखो। मैं सोच रहा था कि वे थ्रिलर फिल्म लिखने के लिए कहेंगे, लेकिन उन्होंने रोमांटिक फिल्म लिखने को कहा। मैंने मस्त लिखी। जंगल और कंपनी फिल्मों में भी उनके साथ रहा। बाद में मैंने अपना अलग रास्ता चुन लिया।
रामू का साथ क्यों छोड़ दिया?
मैं अपनी तरह की फिल्म बनाना चाहता था। मैं अपनी सोच और सिद्धांत से समझौता करके काम नहीं कर सकता। हालांकि रामू का साथ छोड़ने के बाद मुझे काफी संघर्ष करना पड़ा। मैंने तीन-चार फिल्में लिखीं और निर्माताओं से मिला, लेकिन बात नहीं बनी। उन फिल्मों को बनाने का खयाल मैंने छोड़ दिया। 2007 में टॉस फिल्म का आइडिया मेरे दिमाग में आया और संयोग से मुकेश रमानी से मेरी मुलाकात हो गई।
टॉस किस तरह की फिल्म है?
मैं इसे किसी जॉनर में नहीं रख सकता। कॉलेज के दिनों में दोस्तों से डिस्कशन के दौरान इस फिल्म की कहानी उपजी थी। वही कहानी है। मीडिया और दर्शक तय करेंगे कि यह किस तरह की फिल्म है। इसकी कहानी छह दोस्तों की है, जो बचपन से साथ हैं। मैंने फिल्म के माध्यम से बताने की कोशिश की है कि मौजूदा समय में रिश्ते का अस्तित्व नहीं है। पैसा सबसे बड़ा हो गया है। क्या यह सही है? यही सवाल मैंने टॉस में उठाया है।
फिल्म निर्देशन का अनुभव कैसा रहा?
अच्छा रहा। निर्माता मुकेश रमानी ने मेरा भरपूर सहयोग किया। फिल्म के कलाकारों प्रशांत राज, आरती छाबरिया, महेश मांजरेकर, सुशांत सिंह, राजपाल यादव सभी का सहयोग मिला। अश्मित पटेल मेरे मित्र हैं। उन्होंने मित्रता निभाई। वे सेट पर ब्वॉय का भी काम करने से नहीं हिचकते थे। मैं लकी हूं कि मुझे सहयोगी टीम मिली।
भावी योजनाएं क्या हैं?
मैंने एक फिल्म की स्क्रिप्ट लिखी है। टॉस की रिलीज के बाद उसके लिए कलाकारों का चयन करूंगा। टॉस मेरी पहली फिल्म है। मैं चाहूंगा कि दर्शक इसे देखें। मुझे उम्मीद है कि फिल्म देखने में उन्हें मजा आएगा।
-रघुवेन्द्र सिंह