Wednesday, September 30, 2009

अपना काम ईमानदारी से करती हूँ-रिषिता भंट्ट

रिषिता भंट्ट ने शाहरूख खान के अपोजिट फिल्म अशोका से शानदार तरीके से फिल्मी कॅरियर का आगाज किया। हासिल और जिज्ञासा जैसी चर्चित फिल्मों से उन्होंने अभिनेत्रियों की भीड़ में खुद को अलग स्थापित भी किया, लेकिन उनकी गिनती इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में कभी नहीं की गई। इस बात का रिषिता भंट्ट को जरा भी अफसोस नहीं है। रिषिता कहती हैं, मैं इस तरह की बातों में यकीन नहीं करती। मैंने कॅरियर के आरंभिक दिनों से लेकर अब तक फिल्म इंडस्ट्री के अच्छे निर्देशकों के साथ काम किया। फिर मुझे दुख क्यों हो? मैं अच्छा काम करने में यकीन करती हूं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नहीं चलती है, तो उसमें मेरा क्या कसूर है? मैं ईमानदारी से अपने हिस्से का काम खत्म करके आगे बढ़ जाती हूं। यदि मैं अच्छा काम नहीं करती, तो निर्माता-निर्देशक मुझे अपनी फिल्मों में कास्ट नहीं करते। मेरे पास काम की कमी नहीं है। मैं अपने कॅरियर की दशा और दिशा से खुश हूं।
रिषिता की आखिरी प्रदर्शित फिल्म शैडो थी, जिसमें वे नए कलाकार नासिर खान के साथ दिखीं। इस संदर्भ में रिषिता कहती हैं, मैं फिल्म साइन करते समय स्क्रिप्ट और अपना किरदार देखती हूं। मुझे इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि मेरे सह कलाकार कौन हैं? मेरा ध्यान अपने काम पर रहता है।
रिषिताभंट्ट की अगली फिल्म की देवांग ढोलकिया निर्देशित थ्री नाइट्स फोर डेज है। इस फिल्म में वह अनुज स्वाह्ने के साथ नए अंदाज में दिखाई देंगी। रिषिता इस फिल्म को लेकर काफी उत्साहित हैं। उनको उम्मीद है कि लंबे समय से बॉक्स- ऑफिस सफलता का उनका इंतजार इस फिल्म से खत्म हो होगा और उनके कॅरियर को नई दिशा मिलेगी।
-रघुवेन्द्र सिंह

ऐक्टर तो हर इंसान के अंदर है: सुखविंदर सिंह

सुखविंदर सिंह को जब कोई पंजाब दा मुंडा कहता है, वे बहुत खुश होते हैं। उनका चेहरा चमक उठता है। इंटरनेशनल सिंगिंग स्टार बनने के बावजूद वे अपनी जड़ों को भूले नहीं हैं। उनके दिलोदिमाग में आज भी अपनी जन्मभूमि अमृतसर की मिट्टी की खुशबू बसती है। गायकी के बाद अब जगबीर दाहिया की फिल्म खुदी को कर बुलंद इतना से सुखविंदर अभिनय सफर की शुरुआत कर रहे हैं। उन्हें यकीन है कि गायकी की तरह ही वे अभिनय में भी अपना नाम रोशन करेंगे। बातचीत गायक से अभिनेता बने सुखविंदर सिंह से..
क्या आपने सोचा था कि एक दिन फिल्मों में अभिनय भी करेंगे?
मैंने कभी नहीं सोचा था। लोग तो बचपन में स्कूल और कॉलेज में कभी-कभार अभिनय किए होते हैं, मैंने वह भी नहीं किया था। मैं हमेशा से सिंगर बनना चाहता था। खुदी को कर बुलंद इतना फिल्म में अभिनय करने के लिए मेरे हां कहने की वजह है और वह यह है कि फिल्म में मैं जिस किरदार को निभा रहा हूं, वह एकदम मेरे जैसा है। मैं जिस तरह अकेले में समाज की बुराइयों के बारे में सोचता हूं और कुछ करना चाहता हूं, वैसा ही ऋषि है। वह कॉमन मैन है।
आप भले ही स्वीकार न करें, लेकिन आपके अंदर ऐक्टर छुपा हुआ था?

हर इंसान के अंदर ऐक्टर छुपा होता है। हम घर में कभी-कभी ऐसे मेहमान की सेवा कर रहे होते हैं, जो हमें पसंद नहीं होते। नाखुश होते हुए भी हम उसके सामने खुश होने का दिखावा करते हैं। वह एक्टिंग ही है।
जगबीर दाहिया से पहले भी किसी ने आपको अभिनय के लिए अप्रोच किया था?
हां, लेकिन वे पॉपुलर सुखी को चाहते थे। वे मेरी पॉपुलरिटी को कैश करना चाहते थे, इसलिए मैंने उन्हें मना कर दिया। जगबीर दाहिया रिअॅल सुखविंदर सिंह को अपनी फिल्म में लेना चाहते थे। वे पहले मेरे पास अपनी फिल्म के लिए गाना गवाने आए थे, लेकिन रिकॉर्डिग के समय उन्हें मुझमें अपना हीरो दिख गया।
खुदी को कर बुलंद इतना किस तरह की फिल्म है?
यह विचार प्रधान फिल्म है। इसमें विचार ही नायक हैं। हमने समाज के कुछ ज्वलंत मुद्दों को फिल्म में उद्घाटित किया है। फिल्म में मैं छोटे शहर के संगीतकार की भूमिका निभा रहा हूं। मेरे साथ फिल्म में विक्रम, रूफी, श्रिया और गीतांजलि भी हैं।
अभिनय गायकी से मुश्किल लगी?
दोनों मुश्किल काम हैं। इस फिल्म की इनडोर शूटिंग में मुझे मुश्किल नहीं हुई, लेकिन आउटडोर शूटिंग में लद्दाख में एक रोमांटिक गाने की शूटिंग के समय मेरी हालत खराब हो गई थी। वहां शूटिंग के बाद ब्रांडी से हाथ-पैर की मालिश करनी पड़ी थी।
आगामी प्रोजेक्ट्स कौन-कौन से हैं?
मैं राकेश ओमप्रकाश मेहरा की एक फिल्म के लिए संगीत तैयार कर रहा हूं। इसके अलावा मैंने कई बड़ी और अच्छी फिल्मों में गीत गाये हैं, जिन्हें लोग जल्द ही सुनेंगे। काम जारी है।
संगीत के क्षेत्र में करियर बनाने वालों को कोई सुझाव देंगे?
मैं उनसे यही कहूंगा कि गलत जगह पर अपनी ऊर्जा नष्ट न करें। यदि आप सिंगर हैं, तो अपनी एक सीडी बनाइए और उसे संगीतकारों के पास भेज दीजिए। यह काम आप किसी भी शहर में बैठे कर सकते हैं। यकीन मानिए, ए आर रहमान जैसे बड़े संगीतकार वक्त निकालकर उन्हें सुनते हैं। मैं भी सुनता हूं। जिसकी आवाज अच्छी लगी, हम उसे जरूर मौका देंगे।
पंजाबी फिल्मों के लिए कुछ करने की योजना है?
मैं पंजाबी सिनेमा के लिए काम करना चाहता हूं, लेकिन पता नहीं क्यों लोग मेरे पास आने से डरते हैं। लोगों का लगता है कि मैं बहुत बड़ा सिंगर हो गया हूं, जबकि ऐसी कोई बात नहीं है।
आपके पास किसी इंटरनेशनल प्रोजेक्ट का प्रस्ताव आया है?
अब हमारा सिनेमा इंटरनेशनल हो चुका है। अब विदेश के लोग यहां आएंगे। मुझे यकीन है कि कुछ साल बाद हमारे यहां ऑस्कर जैसे बड़े पुरस्कार समारोह आयोजित होंगे।
-raghuvendra singh

Tuesday, September 29, 2009

बंधना नहीं किसी रिश्ते में: डिनो मोरिया

संजय गुप्ता निर्मित फिल्म एसिड फैक्ट्री में डिनो मोरिया पहली बार स्टाइलिश अंदाज में नजर आएंगे। वे इसे अपने करियर की खास फिल्म मानते हैं और इसकी बॉक्स ऑफिस सफलता को लेकर निश्चिंत हैं। सुपर्ण वर्मा निर्देशित एसिड फैक्ट्री, अपने करियर, फिल्म निर्माण और निजी जीवन के बारे में डिनो ने इस मुलाकात में बताई तमाम बातें।
डिनो से पहली सवाल हुआ कि एसिड फैक्ट्री से कैसे जुड़ना हुआ? वे कहते हैं, मैंने डेढ़ साल पहले यह फिल्म साइन की थी। संजय गुप्ता और सुपर्ण वर्मा ने मुझे फोन करके कहा कि एक अच्छी फिल्म है। फिर सुपर्ण मेरे पास आए और उन्होंने मुझे कहानी सुनाई। मुझे कहानी बहुत पसंद आई। मैंने संजय गुप्ता को फोन करके हां कह दिया। वे फिल्म की कहानी के बारे में बताते हैं, इसकी कहानी एक एसिड फैक्ट्री के अंदर की है। पांच-छह लोग उसके अंदर फंस जाते हैं। एसिड की वजह से सबकी याददाश्त चली जाती है। कोई किसी को नहीं पहचानता। उसके बाद उनके साथ क्या होता है? वे लोग कैसे बाहर आते हैं? इस फिल्म की शूटिंग साउथ अफ्रीका में हुई है। यह स्टाइलिश ऐक्शन थ्रिलर फिल्म है।
माना जाता है कि इस फिल्म के लिए डिनो को काफी तैयारी करनी पड़ी? वे बताते हैं, हां, जब मैंने एसिड फैक्ट्री की कहानी और अपने कैरेक्टर के बारे में सुना, तो मुझे लगा कि अपने किरदार के लिए मुझे नया लुक अख्तियार करना पड़ेगा। फिल्म के लिए मैंने अपने बाल बढ़ाए और मूंछ-दाढ़ी रखी। मैं अपनी हर फिल्म में नए लुक में आने की कोशिश करता हूं। इसमें कपड़े ज्यादा चेंज नहीं किए हैं, क्योंकि पूरी फिल्म हमने एक फैक्ट्री में शूट की। यह अड़तालीस घंटे की कहानी है। संजय गुप्ता अपनी हर फिल्म में स्टाइल पर विशेष ध्यान देते हैं। यह पहली ऐसी फिल्म है, जिसमें डिनो के अपोजिट कोई ऐक्ट्रेस नहीं है। वे स्वीकारते हैं, दरअसल इसमें रोमांस नहीं है। इसमें दीया मिर्जा हैं, लेकिन वे भी क्रिमीनल बनी हैं। फिल्म में केवल एक गाना है।
एसिड फैक्ट्री डिनो के करियर की कितनी खास फिल्म है? वे कहते हैं, यह मुझे पता नहीं, लेकिन इतना कहूंगा कि यह अलग किस्म की फिल्म है। मैं इसके पहले किसी फिल्म में स्टाइलिश तरीके से पेश नहीं किया गया। इसको प्रोगेसिव सिनेमा कह सकते हैं। जैसे पिछले दिनों विशाल भारद्वाज की कमीने आई थी। मुझे यकीन है कि एसिड फैक्ट्री भी चलेगी। यह फिल्म हिट होती है, तो मेरे करियर के लिए अच्छा होगा। आजकल छोटे बजट की रिअॅलिस्टिक फिल्में बन रही हैं। क्या डिनो उस तरह की फिल्में करना चाहते हैं? वे कहते हैं, मुझे वैसी फिल्में पसंद हैं। मैं वैसी फिल्म करना चाहता हूं, जिसकी स्क्रिप्ट ओरिजिनल हो। अब मैं प्रोड्यूसर बन गया हूं। यदि मुझे वैसी फिल्म नहीं मिलीं, तो मैं खुद ही प्रोड्यूस करूंगा। फिल्म निर्माण में आने का कारण क्या है? अपने बैनर में किस तरह की फिल्में बनाना चाहते हैं डिनो? वे कहते हैं, मैं जिस तरह की फिल्में करना चाहता हूं, यदि वैसी मुझे नहीं मिलीं, तो मैं खुद वैसी फिल्म प्रोड्यूस करूंगा। मैं इंतजार करके अपना समय बर्बाद नहीं करूंगा। फिल्म निर्माण में आने का मेरा मकसद यही है। मैं अपने बैनर में ऐसी फिल्में बनाना चाहता हूं, जिन्हें देखकर दर्शक ऐसा न महसूस करें कि उनका पैसा बर्बाद हो गया। मैंने एक स्क्रिप्ट फाइनल की है। अब एक अच्छे प्रस्तोता ढूंढ रहा हूं। मैं अपने होम प्रोडक्शन की पहली फिल्म में अभिनय नहीं कर रहा हूं।
हाल में डिनो ने कौन-सी फिल्म साइन की है? वे बताते हैं, इस वक्त मैं यशराज की प्यार इंपॉसिबल कर रहा हूं। उसमें उदय चोपड़ा और प्रियंका चोपड़ा हैं। इसके अलावा मैंने कोई फिल्म साइन नहीं की है। अब मैं सोच समझकर फिल्में कर रहा हूं। मैंने अतीत में बहुत गलतियां की हैं, अब नहीं करना चाहता। मैं अपने करियर की यादगार फिल्म का इंतजार कर रहा हूं। क्या सच है कि लारा दत्ता डिनो की खास दोस्त हैं? वे इस बारे में कहते हैं, फिलहाल मैं अकेला हूं और खुश हूं। मैं अभी किसी रिश्ते में नहीं बंधना चाहता। इस वक्त मैं काम पर फोकस करना चाहता हूं।

-raghuvendra singh

Wednesday, September 23, 2009

मुझे अच्छे लगते हैं शाहिद | रानी मुखर्जी

रानी मुखर्जी के करियर को लेकर आजकल तरह-तरह की बातें हो रही हैं। कुछ लोगों का कहना है कि दिल बोले हडि़प्पा रानी की आखिरी फिल्म है, तो कुछ लोग कह रहे हैं कि इस फिल्म से रानी ने वापसी की है। इस बारे में खुद रानी क्या सोचती हैं? जवाब में वे कहती हैं, पिछले कुछ वर्षो से मेरी हर फिल्म के प्रदर्शन के समय लोग यही कहते हैं, लेकिन मैं हर बार वापस आ जाती हूं। मेरी फिल्मों की असफलता का मतलब यह नहीं है कि मैं असफल हो गई। मैं अपनी हर फिल्म से एक कदम आगे बढ़ रही हूं।
रानी मुखर्जी अपनी बात जारी रखती हैं, सच कहूं, तो मैंने अपने करियर में इतने उतार-चढ़ाव देख लिए हैं कि अब मुझ पर इस तरह की बातों का कोई असर नहीं होता। मुझमें टैलेंट है और मैं इसी तरह काम करती रहूंगी। आजकल मैं अधिक फिल्में इसलिए नहीं कर रही हूं, क्योंकि मुझे कुछ अलग और चैलेंजिंग किरदार नहीं मिल रहे हैं। अब मैं उस मुकाम पर हूं, जहां मैं हर फिल्म का हिस्सा नहीं बन सकती।
यशराज बैनर की अनुराग सिंह निर्देशित फिल्म दिल बोले हडि़प्पा को लेकर रानी बेहद उत्साहित थी। इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत भी की थी। रानी बताती हैं, पिछले साल अप्रैल में मैंने यह फिल्म साइन की। तभी पता चल गया था कि मुझे मेल क्रिकेटर का किरदार निभाना है। मैंने क्रिकेटर की तरह बॉडी बनाने के लिए योगा करना शुरू किया। साथ ही महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान अंजलि से क्रिकेट की ट्रेनिंग लेने लगी। यह ट्रेनिंग चौदह महीने तक चली। मैंने सात किलोग्राम अपना वजन घटाया और सही तरह से क्रिकेट खेलना भी सीख गई।
दिल बोले हडि़प्पा में रानी ने दो किरदार निभाए हैं। वे बताती हैं, इसमें मैं वीर और वीरा का किरदार निभा रही हूं। दोनों हैं एक ही और दोनों का लक्ष्य क्रिकेट खेलना है। मेरे अपोजिट शाहिद कपूर हैं। वे क्रिकेट के कोच बने हैं। मेरा सरदार का लुक क्रिकेटर हरभजन सिंह से प्रेरित है। दरअसल, मेरे लुक डिजाइनर माइक स्ट्रीन्गर लंदन के हैं। उन्हें मेरा लुक डिजाइन करने के लिए सरदार का फोटो चाहिए था, तो हमने हरभजन सिंह का फोटो भेज दिया। उन्होंने हरभजन सिंह को ध्यान में रखकर मेरा लुक डिजाइन किया है। मैंने इस बारे में हरभजन को बताया, तो वे बड़े खुश हुए। दिल बोले हडि़प्पा में रानी और शाहिद की जोड़ी पहली बार पर्दे पर आई है। उनके बारे में रानी कहती हैं, शाहिद सीरियस और फोकस्ड हैं। मुझे इस तरह के लोग अच्छे लगते हैं। फिल्म में हमारी जोड़ी बहुत अच्छी लग रही है। जब मुझे पता चला था कि शाहिद मेरे अपोजिट हैं, तो मैं बहुत खुश हुई। वे मेरे साथ अधिक मैच्योर दिख रहे हैं। उनके लिए यह फायदेमंद होगा। नए निर्देशक अनुराग सिंह के निर्देशन में काम के अनुभव के बारे में रानी कहती हैं, अनुराग बहुत प्यारे इंसान हैं। उन्होंने बढि़या फिल्म बनाई है, ऐसा फिल्म देखने वाले भी कहेंगे।
शादी के बारे में पूछने पर रानी गुस्सा हो जाती हैं। वे कहती हैं, शादी अभी नहीं करूंगी। पिछले तीन साल से लोग मेरी हर फिल्म की रिलीज के समय मेरी शादी होने की बात करते हैं। ऐसी बात कहने वाले लोग यह नहीं सोचते कि इसका मेरे करियर पर बुरा असर पड़ रहा है। जो निर्देशक मुझे साइन करने की योजना बनाते होंगे, वे शादी की बात सुनकर सोचते होंगे कि रानी शादी करने जा रही है, तो अपनी फिल्म के लिए किसी दूसरी ऐक्ट्रेस को कास्ट कर लेते हैं। जब मेरी शादी तय होगी, तब मैं चिल्ला-चिल्लाकर बताऊंगी। मैं मां-बाप की इकलौती बेटी हूं। वे लोग खुशी से यह बात दुनिया के साथ शेयर करेंगे। मैं प्राइवेसी पसंद करती हूं, इसका यह मतलब नहीं है कि मेरे बारे में लोग कुछ भी कहें। अब मैं ऐसी बातें बर्दाश्त नहीं करूंगी।
रानी मुखर्जी की ख्वाहिश ऐक्शन फिल्म करने की है। वे कहती हैं, मैंने हर जॉनर की फिल्में की हैं। सिर्फ ऐक्शन फिल्म नहीं कर सकी हूं। मेरे पास दो-तीन ऐक्शन फिल्मों की स्क्रिप्ट आई थीं, लेकिन वे मुझे पसंद नहीं आई। इस वक्त मैं फिट हूं और मुझे ऐक्शन फिल्म के लिए मार्शल आर्ट की ट्रेनिंग लेनी पड़ी, तो मैं वह करूंगी। मैं नए निर्देशकों में विशाल भारद्वाज और इम्तियाज अली के साथ काम करना चाहती हूं।

-raghuvendra singh

Tuesday, September 22, 2009

अब मैं मैच्योर हो गया हूं-हरमन बावेजा

नई पीढी के लोकप्रिय अभिनेता हरमन बावेजा की फिल्म व्हाट्स योर राशि? प्रदर्शन के लिए तैयार है. इस रोमांटिक फिल्म में हरमन एक बार फिर प्रियंका चोपडा के साथ नज़र आयेंगे. प्रतिष्ठित फिल्मकार आशुतोष गोवारिकर की फिल्म व्हाट्स योर राशि? की सफलता को लेकर हरमन आश्वस्त हैं।
व्हाट्स योर राशि? फिल्म का ऑफर आया तब आपकी पहली प्रतिक्रिया क्या थी?
आशुतोष गोवारिकर की फिल्म का ऑफर मिलना मेरे लिए बहुत बड़ी बात थी। मैं बहुत खुश हुआ। मैंने एक पल भी नहीं सोचा और हां कह दिया। मुझे स्क्रिप्ट और फिल्म के नायक योगेश पटेल का किरदार पसंद आया। मैं जानता था कि आशुतोष गोवारिकर अपनी फिल्म के प्रत्येक किरदार के साथ न्याय करते हैं इसलिए मैंने जरा भी नहीं सोचा कि फिल्म में प्रियंका चोपड़ा के बारह किरदार हैं।
फिल्म के बारे में बताएं। क्या आप राशि में विश्वास करते हैं?
यह मधु राय के उपन्यास किंबाल रैवेंसवुड पर आधारित फिल्म है। हालांकि आशुतोष सर ने उपन्यास को हूबहू फिल्म में नहीं पेश किया है। उन्होंने कुछ बदलाव किए हैं। इसे रोमांटिक कॉमेडी कहा जा सकता है। यह एक अप्रवासी भारतीय युवक की कहानी है, जो भारत में अपने लिए दुल्हन ढूंढ़ने आता है। यहां वह बारह राशि की बारह लड़कियों से मिलता है। मैं इसमें गुजराती युवक योगेश पटेल का किरदार प्ले कर रहा हूं। मैं राशि में यकीन करता हूं, लेकिन ब्लाइंड फेथ नहीं करता।
यह फिल्म आपके लिए कितनी चुनौतीपूर्ण रही?
इसमें मुझे कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। प्रियंका चोपड़ा के फिल्म में बारह किरदार हैं, जबकि मेरा एक ही किरदार है। उससे मेरे लिए चुनौती बढ़ गई। हर बार नई लड़की से मिलने पर मुझे अलग तरह की प्रतिक्रिया देनी थी। मुझे हर बार बॉडी लैंग्वेज, वॉयस में चेंज करना होता था। दूसरे शब्दों में कहूं, तो मैंने अप्रत्यक्ष रूप से बारह किरदार किए हैं। योगेश पटेल के किरदार के लिए मुझे बहुत मेहनत करनी पड़ी।
प्रियंका चोपड़ा के साथ आपने पहली फिल्म की थी, तब आप नए थे। व्हाट्स योर राशि? में उनके साथ काम करते हुए आपने क्या बदलाव महसूस किए?
यह मेरी तीसरी फिल्म है। अब मैं मैच्योर हो गया हूं। प्रियंका चोपड़ा के साथ लव स्टोरी 2050 फिल्म की शूटिंग के समय मैं नर्वस महसूस करता था, लेकिन इसमें हम दोनों सहज थे। हम दोनों एक-दूसरे का कंफोर्ट लेवल जानते थे। हमें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हुई। इस फिल्म में प्रियंका चोपड़ा कांप्लेक्स कैरेक्टर प्ले कर रही है। उनके लिए यह मुश्किल फिल्म थी। हमने फिल्म की शूटिंग को एंज्वॉय किया।
आशुतोष गोवारिकर के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा?
शानदार। आशुतोष सर के साथ काम करके मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं। वे अनुभवी एवं प्रतिभाशाली निर्देशक हैं। वे अपने कलाकारों से उम्दा काम लेना जानते हैं। मुझे लगता था कि वे अपनी फिल्मों की तरह गंभीर होंगे, लेकिन शूटिंग के दौरान मैंने पाया कि वे बेहद खुशमिजाज हैं।
अब स्वयं में क्या बदलाव महसूस कर रहे हैं?
आशुतोष सर एक्टिंग का स्कूल हैं। उनके साथ काम करने के बाद ऐसा लग रहा है कि मैं छह महीने की एक्टिंग की वर्कशॉप करके आ रहा हूं। अब मैं बेहतर एक्टर हो गया हूं। मैं उनके साथ दोबारा काम करना चाहता हूं।
जब आपको पता चला कि फिल्म में तेरह गाने हैं। आपकी क्या प्रतिक्रिया थी?
मैं संगीत प्रेमी हूं। मुझे सुनकर खुशी हुई कि व्हाट्स योर राशि में तेरह गाने हैं। आजकल अमूमन फिल्म में छह या सात गाने ही होते हैं। मैं लकी हूं कि मेरी फिल्म में तेरह गाने हैं। खास बात यह है कि सभी गाने फिल्म का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हर गाने में एक कहानी है। सोहेल सेन ने खूबसूरत संगीत दिया है। लोगों को फिल्म के गीत पसंद आएंगे। मुझे फिल्म का आलिंगन सांग बहुत पसंद है।
इसके बाद कौन सी फिल्म आएगी?
अनीस बज्मी की फिल्म इट्स माई लाइफ। वह तमिल की सुपरहिट फिल्म बोमरीलू का रीमेक है। उसमें मेरे ओपोजिट जीनिलिया डिसूजा हैं।
पापा हैरी बावेजा की एक फिल्म आप कर रहे हैं?
हां, मैं अपने होम प्रोडक्शन की एक फिल्म कर रहा हूं, लेकिन अभी तक कोई स्क्रिप्ट फाइनल नहीं हो पायी है। जैसे ही स्क्रिप्ट फाइनल होगी, पापा उस फिल्म की घोषणा करेंगे।
-रघुवेन्द्र सिंह

12 किरदार जैसे 12 फिल्में /प्रियंका चोपड़ा

प्रसिद्ध फिल्मकार आशुतोष गोवारीकर की फिल्म ह्वाट्स योर राशि से प्रियंका चोपड़ा एक फिल्म में बारह किरदार निभाने का व‌र्ल्ड रिकॉर्ड बनाने जा रही हैं। इस उपलब्धि से वे खुश हैं, लेकिन वे बहुत खुश उस वक्त होंगी, जब उनकी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल होगी। फैशन, दोस्ताना और कमीने से सफलता की हैट्रिक लगाने वाली प्रियंका ह्वाट्स योर राशि को लेकर उत्साहित तो हैं, साथ ही नर्वस भी। इस फिल्म में वे एक बार फिर हरमन बवेजा के साथ हैं। बातचीत प्रियंका से..
आशुतोष गोवारीकर ने जब बताया कि ह्वाट्स योर राशि में आपको बारह किरदार निभाने हैं, तब आपकी प्रतिक्रिया क्या हुई?
मैं मियामी में दोस्ताना फिल्म की शूटिंग कर रही थी। उन्होंने मुझे फोन करके पूछा, प्रियंका, तुमने अक्टूबर से कोई फिल्म साइन की है? मैंने कहा, नहीं। उन्होंने कहा, मेरे पास एक स्क्रिप्ट है, उसे सुनने के बाद तुम कोई फैसला करना। उन्होंने मुझे फोन पर ही स्क्रिप्ट सुनाई, लेकिन जब उन्होंने बताया कि फिल्म के सभी बारह किरदार मुझे ही निभाने हैं, तब मैं चौंक गई। मैंने उनसे पूछा कि एक लड़की बारह किरदार कैसे निभा सकती है? उन्होंने मुझे समझाया उसके बाद मैं फिल्म करने के लिए तैयार हो गई।
ह्वाट्स योर राशि और अपने बारह किरदारों के बारे में बताएंगी?
यह रोमांटिक कॉमेडी फिल्म है। एक एनआरआई लड़का योगेश पटेल है। ह्वाट्स योर राशि में वह अपने लिए दुल्हन ढूंढने भारत आता है। उसके पास समय कम होता है, इसलिए वह बारह राशि की बारह लड़कियों से मिलने का फैसला करता है और तय करता है कि जिस लड़की से उसे प्यार हो जाएगा, उसी से शादी करेगा। यह फिल्म मधु राय के नॉवेल किंबाल रैवेंसवुड पर आधारित है। मैंने फिल्म में बारह राशि की बारह लड़कियों के किरदार निभाए हैं। वे सभी गुजराती हैं, लेकिन उनकी पृष्ठभूमि अलग-अलग है।
एक फिल्म में बारह किरदार निभाने का अनुभव कैसा रहा?
मेरी जिंदगी का सबसे मुश्किल अनुभव रहा। मेरी जिंदगी की यह सबसे मुश्किल फिल्म है। एक फिल्म में बारह किरदार निभाना, मेरे लिए बारह फिल्में करने जैसा था। एक किरदार को मुझे एक गाने और दो सीन में स्टैब्लिश करना था और कोई भी किरदार एक-दूसरे से मैच नहीं होने चाहिए थे। उस पर से उनकी राशि की खूबी के अनुसार उनमें कुछ चीजें जोड़नी थीं। मैंने हर लड़की की बॉडी लैंग्वेज, हेयर स्टाइल, ड्रेस और बात करने का लहजा बदला है। मुझे गुजराती कल्चर के बारे में पता नहीं था। मैंने हर किरदार को अपने तरीके से अलग करने की कोशिश की। मैं नहीं चाहती थी कि इस फिल्म का कोई भी किरदार दर्शकों को मेरी पिछली फिल्मों के किसी किरदार की याद दिलाए।
प्रत्येक किरदार की शूटिंग आपने बारी-बारी से की है?
नहीं। आशुतोष सर ने मुझसे कहा था कि हम एक किरदार की शूटिंग खत्म करने के बाद दूसरा शुरू करेंगे। उससे कंफ्यूजन नहीं होगा, लेकिन उन्होंने ऐसा किया नहीं। मैं किसी और किरदार की तैयारी करके सेट पर जाती थी और आशु सर कहते कि उसको नहीं, इस किरदार को कर लेते हैं। ऐसे में एक किरदार दूसरे से क्रॉस हो जाता था। उस पर से दिन-रात शूटिंग का तनाव। मैं तो पागल हो गई थी। बस, आगरा नहीं गई। इन्हीं सब कारणों से ह्वाट्स योर राशि की शूटिंग के दौरान मेरा स्वास्थ्य बिगड़ गया था। मैं सेट पर बेहोश हो जाती थी।
क्या आप राशि में विश्वास करती हैं और अपने हमसफर का चुनाव राशि के हिसाब से करना पसंद करेंगी?
पहले मैं राशि में यकीन नहीं करती थी। मैं सोचती थी कि दुनिया भर के लोग बारह राशि में कैसे फिट हो सकते हैं, लेकिन ह्वाट्स योर राशि फिल्म ने मेरा नजरिया बदल दिया। एक राशि के लोगों में कई समानताएं होती हैं। मैं राशि के हिसाब से अपना जीवनसाथी नहीं चुनूंगी। ह्वाट्स योर राशि का नायक योगेश पटेल भी ऐसा नहीं करता। यह फिल्म ज्योतिष के बारे में नहीं है, बल्कि यह फिल्म लोगों का अंधविश्वास तोड़ेगी।
आशुतोष गोवारीकर के निर्देशन में काम करने का अनुभव कैसा रहा?
आशु सर बहुत ही इंटेलीजेंट डायरेक्टर हैं। उनके साथ काम करके मजा आया। वे कहते थे कि यह उनकी सबसे मुश्किल फिल्म है। मैंने उनसे पूछा कि जोधा अकबर से भी मुश्किल? तो उन्होंने कहा कि एक फिल्म में बारह अलग-अलग कल्चर को दिखाना बहुत मुश्किल काम है।
माना जाता है कि फैशन, दोस्ताना और कमीने की सफलता के बाद आप नंबर वन अभिनेत्री बन गई हैं?
मुझे इंडस्ट्री में आए छह साल हुए हैं। मैं नहीं मानती कि मैं एक्टिंग की क्वीन बन गई हूं। मैं अभी सीख रही हूं। मैं हर दिन सेट पर कुछ न कुछ सीखती हूं। मैं लकी हूं कि मुझे कम समय में टैलेंटेड डायरेक्टर के साथ काम करने का अवसर मिला। आज मैं जो कुछ हूं, मेरे डायरेक्टरों की देन है।
इसके बाद आप किन फिल्मों में नजर आएंगी?
मैं यशराज बैनर की प्यार इंपॉसिबल और सिद्धार्थ आनंद की एक फिल्म अंजाना अंजानी कर रही हूं।
-raghuvendra singh

Saturday, September 19, 2009

तैयार हैं डांडिया क्वीन फाल्गुनी

डांडिया क्वीन फाल्गुनी पाठक वैसे तो पूरे वर्ष अधिकतर समय विदेश में स्टेज शो करते हुए बिताती हैं, लेकिन शारदीय नवरात्र आते ही अपने देश लौट आती हैं। वे जानती हैं कि नवरात्र के नौ दिन तक गरबा प्रेमी उन्हीं की सुमधुर और खनकती आवाज की स्वर लहरियों पर झूमना चाहते हैं। अपने चाहने वालों की खातिर ही वे पिछले डेढ़ महीने से इसकी विशेष तैयारी कर रही हैं। फाल्गुनी बताती हैं, जिस तरह मां दुर्गा के भक्त पूरे वर्ष इस नवरात्र का इंतजार करते हैं, वैसे ही मैं भी पूरे वर्ष इन दिनों का इंतजार करती हूं। नवरात्र के नौ दिन मेरे लिए बहुत खास होते हैं। इस दौरान मैं दुनिया की सब बातों को भुलाकर मां दुर्गा के भजन और गरबा गाती हूं। फाल्गुनी पिछले पंद्रह वर्षो से मुंबई में आयोजित होने वाले डांडिया शो से जुड़ी हैं। उनकी मौजूदगी में हर वर्ष लाखों लोग यहां डांडिया डांस का आनंद उठाने आते हैं। इस साल यह आयोजन गोरेगांव के स्पो‌र्ट्स कॉप्लेक्स में होना है। फाल्गुनी कहती हैं, इतना ही नहीं, इस साल फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने कोरियोग्राफर रेमो भी हमारे साथ हैं। वे डांस की कोरियोग्राफी करेंगे। इस बार हर रोज कोई न कोई जाना-माना फिल्म कलाकार हमारे साथ होगा। मुझे उम्मीद है, इस वर्ष अधिक लोग आएंगे। फाल्गुनी बताती हैं कि नवरात्र के बाद उनका नया हिंदी एलबम रिलीज होगा। उन्हीं के शब्दों में, चार वर्ष बाद मेरा हिंदी एलबम आ रहा है। मैं उस एलबम के भी कुछ गीत इस शो में गाऊंगी। हर बार की तरह इस साल भी मैंने नवरात्र के लिए कुछ नए गुजराती, मराठी और हिंदी फिल्मी गीतों की तैयारी की है। मैं अपने पुराने एलबम के हिट गाने भी गाऊंगी। गीत मैंने पायल है छनकाई.. से चर्चा पाने वाली फाल्गुनी आगे कहती हैं, नवरात्र के बाद मैं यूएस और उसके बाद कनाडा स्टेज शो के लिए जाऊंगी। फिर दीवाली में भारत आऊंगी।
-रघुवेन्द्र सिंह