तुषार कपूर को नहीं पसद कि उनकी मेहनत का श्रेय कोई और ले जाए, फिर चाहे वह बहन एकता कपूर ही क्यों न हो। अभिनय में दस साल पूरा कर रहे तुषार कपूर ने एक विशेष मुलाकात में साफ शब्दों में कहा, 'एकता ने कभी मेरे लिए कुछ नहीं किया। मेरी पहली फिल्म 'मुझे कुछ कहना है' बालाजी के बैनर की नहीं थी। मैंने बाइस फिल्में की हैं, जिसमें तीन या चार बालाजी की हैं। शोर इन द सिटी' और 'द डर्टी पिक्चर' मेरी आने वाली फिल्में हैं।' अभिनय में अब तक का सफर मैंने अपनी मेहनत से तय किया है। अब मैं अपना प्रोडक्शन हाउस शुरू करने जा रहा हूं। मैं एकता के साथ फिल्म नहीं बनाऊंगा। मैं पार्टनर ढूंढ रहा हूं।'
तुषार आगे कहते हैं 'लोगों में यह इंप्रेशन है कि एकता मुझे सपोर्ट कर रही हैं। दूसरे एक्टर अपने फादर के साथ फिल्म करते हैं। कुछ लोग अपने चाचा और मामा की कंपनी की फिल्में करके नाम कमाते हैं। उनके बारे में कोई कुछ नहीं कहता। मैंने बाहर की फिल्मों में काम करके अपना नाम बनाया। 'क्या कूल हैं हम' फिल्म में काम करने से कई अभिनेताओं ने इंकार कर दिया था। मुझसे कहा गया कि तू घर का है, कर ले। फिर मैंने उस फिल्म के लिए हा कहा। उस वक्त बालाजी को मैं सपोर्ट कर रहा था। सगीत सिवन ने मुझसे गुजारिश की। डिनो, आफताब, सोहेल खान ने 'क्या कूल हैं हम' में काम करने से मना कर दिया था। ये बात किसी को पता है नहीं।'
तुषार ने कॅरियर से जुड़े फैसले लेने अब खुद शुरू कर दिए हैं। तुषार ने बताया, आरंभ में मेरे कॅरियर के डिसीजन डैड ने लिए थे, जोकि गलत साबित हुए। अब मैं अपने फैसले खुद लेता हूं।'
तुषार अपनी गुड ब्वॉय की छवि से सहमत नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'पर्सनल लाइफ में आपको जाने बगैर लोग आपकी इमेज बना देते हैं। मुझे भी गुस्सा आता है, मैं भी आपा खोता हूं। मैं निजी जीवन में जैसा हूं, पता नहीं वैसी इमेज क्यों नहीं बन पा रही है। शायद कॅरियर की शुरुआत में पीआर एक्सरसाइज न होने के कारण ऐसा हुआ। मैं मीडिया के सामने खुलकर नहीं आया, उस वजह से यह हुआ। मुझे यकीन है कि आने वाली फिल्म 'शोर इन द सिटी' और 'द डर्टी पिक्चर' से मेरी इमेज बदलेगी।'
-रघुवेन्द्र सिह






