Thursday, May 5, 2011

नयी रिलीज: हाँटेड और लव का द एंड

हाँटेड

विक्रम भट्ट निर्देशित हाँटेड फिल्म की कहानी शिक्षित नौजवान रेहान के इर्द-गिर्द घूमती है। वह भूत-प्रेत में विश्वास नहीं करता, लेकिन एक घटना उसके इस यकीन को हिला देती है। उसका पहाड़ों में एक खूबसूरत घर है। अचानक उस घर के केयरटेकर की मृत्यु हो जाती है। रेहान को पता चलता है कि उस घर में आत्मा का वास है। रेहान अतीत की गुत्थी सुलझाने का प्रयास करता है। रेहान की भूमिका निभा रहे महाअक्षय चक्रवर्ती के साथ हैं टिया बाजपेयी। गीतकार हैं शकील आजमी, जुनैद वासी एव सगीत दिया है चिरंतन भट्ट ने।
लव का द एंड
यशराज के नए बैनर वाई फिल्म्स की यह फिल्म मॉडर्न लड़की रिया की प्रेम कहानी है। रिया के दो खास दोस्त हैं फ्रीडी और सोनिया। फ्रीडी खाने-पीने में तेज और दिमाग से थोड़ी ढीली है। सोनिया कद में छोटी है और मोटी भी, लेकिन वह किसी से डरती नहीं। रिया अपने इन दोस्तों की मदद लेकर अपने पहले प्यार लव का द एंड करती है। लव नदा कॉलेज का सबसे अमीर लड़का है। रिया की भूमिका निभा रही श्रद्धा कपूर के अपोजिट हैं नवोदित कलाकार तहा शाह। अन्य कलाकार हैं जन्नत जुबैर रहमानी, शनाज ट्रेजरीवाला। फिल्म के गीतकार हैं अमिताभ भट्टचार्य एव सगीत दिया है राम सपत।
-रघुवेन्द्र सिह

अब रुकना नहीं है-महाअक्षय चक्रवर्ती


हांटेड में लबे कद के महाअक्षय एक नए लुक में नजर आएंगे। उन्होंने अपना वजन कम कर लिया है, हेयर स्टाइल बदल दी है, पहनावा बदल दिया है। अपने आप में आए इस परिवर्तन की वजह महाअक्षय बताते हैं, 'जिम्मी' मेरे लिए सबक है। मुझसे जल्दबाजी में बहुत गलतिया हुईं। उस वक्त मैं मोटा था। मेरे बाल लबे थे। मेरे कपड़े ठीक नहीं थे। आवाज अच्छी नहीं थी। 'जिम्मी' की असफलता मेरे लिए आशीर्वाद बन गई।'
फिल्म इंडस्ट्री में उगते सूरज को हमेशा नमस्कार किया जाता है। वैसा ही महाअक्षय चक्रवर्ती के साथ पहली फिल्म 'जिम्मी' के प्रदर्शन से पूर्व हो रहा था। स्टार पुत्र महाअक्षय का स्वागत 2008 में इंडस्ट्री ने बाहे खोलकर किया, लेकिन 'जिम्मी' के प्रदर्शन के दूसरे दिन भीड़ से घिरे रहने वाले महाअक्षय अकेले हो गए। लोगों ने उनके बारे में यह तक कहना शुरू कर दिया कि वे जूनियर आर्टिस्ट बनने के लायक भी नहीं हैं। महाअक्षय कहते हैं, 'मेरे लिए वे पल बहुत दुखद थे। डैड के नाम की इज्जत मैं नहीं रख पाया। लोग मुझे गालिया दे रहे थे। कहते थे कि तू जा घर में बैठ। जूनियर आर्टिस्ट बनने के लायक भी नहीं है तू। तीन साल तक मेरे पास कुछ काम नहीं था। मैं सारे निर्माता-निर्देशकों के दरवाजे पर जाकर थक चुका था। लोग कहते थे कि देखा जाएगा। उस वक्त मैंने जाना कि इंडस्ट्री में कोई अपना नहीं है। सिर्फ आपका परिवार अपना है। '
अधिकतर निर्माता-निर्देशकों से ना सुन चुके महाअक्षय को विक्रम भट्ट से हा सुनने को मिला, तो खुशी का ठिकाना न रहा। विक्रम द्वारा 'हांटेड' में नायक की भूमिका के लिए चुने जाने के बाद अचानक महाअक्षय की दुनिया बदल गई। साथ ही महाअक्षय के नाम यह उपलब्धि जुड़ गई कि वह भारत की पहली थ्रीडी हॉरर फिल्म के हीरो हैं। महाअक्षय प्रसन्नता जाहिर करते हैं, 'हाटेड इंडिया की पहली थ्रीडी फिल्म है। मेरा नाम इतिहास में दर्ज हो गया है। यह मेरे लिए उपलब्धि है।'
हाटेड में महाअक्षय ने रेहान की भूमिका निभाई है, जो भूत-प्रेत में यकीन नहीं करता। उन्होंने फिल्म में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिता मिथुन चक्रवर्ती की तरह ही महाअक्षय को भी डांस से प्यार है। 'हांटेड' में महाअक्षय का एक डांस नंबर भी है। फिलहाल महाअक्षय के पास कोई दूसरी फिल्म नहीं है। वह कहते हैं, 'हांटेड' के बाद पता चलेगा कि मेरा क्या होगा, लेकिन मैंने एक चीज तय की है कि मैं रुकूंगा नहीं। अभिषेक बच्चन ने बहुत साल पहले मुझसे कहा था कि इंडस्ट्री के लोग तुम्हे बहुत मारेंगे, पीछे धकेलेंगे, लेकिन तुम आगे बढ़ते रहना। मैं उनकी बात पर अमल करता हूं।'
-रघुवेन्द्र सिह

दिल की सुनती हूं-श्रद्धा कपूर


शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा कपूर की पहली फिल्म 'तीन पत्ती' के प्रदर्शन के बाद यशराज ने अपने नए बैनर वाई फिल्म्स में श्रद्धा के साथ तीन फिल्मों का काट्रैक्ट साइन किया था। वाई फिल्म्स में श्रद्धा की पहली फिल्म है 'लव का द एंड'

'लव का द एंड' से जुड़ने की खास वजह क्या रही?
मैं ऐसी लड़की का रोल नहीं करूंगी जो उम्र में मुझसे बड़ी होगी। वैसे किरदार से मैं रिलेट नहीं कर पाती। मैं खुश हूं कि यशराज ने वाई फिल्म्स जैसा बैनर शुरू किया, जिसमें मेरे जैसे यग कलाकारों को उनके उम्र के अनुकूल किरदार करने का मौका मिल रहा है। मैं इसमें 18 साल की लड़की रिया का रोल कर रही हूं।
रिया की कहानी है यह फिल्म। क्या खास बात है रिया में?
रिया सिपल और ट्रेडीशनल है। वह गर्ल नेक्स्ट डोर है। लव उसका पहला प्यार है। यह फिल्म एक दिन की कहानी है। लव रिया के साथ कुछ ऐसा करता है कि रिया का दिल टूट जाता है। बाद में उसे रियलाइज होता है कि वह आठवें दशक की लड़की नहीं हैं। वह लव का बैंड बजाने का फैसला करती है।
लव से प्यार करने वाली या लव का बैंड बजाने वाली, आप किस रिया से रिलेट करती हैं?
मैं लव से प्यार करने वाली रिया से ज्यादा रिलेट करती हूं क्योंकि मैं बहुत इमोशनल हूं। रिया की तरह अपने दिल की सुनती हूं। मैं लव का बैंड बजाने वाली रिया से भी थोड़ा रिलेट करती हूं क्योंकि मैं एक लड़के का बैंड बजा चुकी हूं। लव से बदला लेने के लिए रिया हर लिमिट क्रास करती है, मैं वैसा नहीं कर सकती।
आज के यूथ को कैसे परिभाषित करेंगी?
यूथ इंडीपेंडेंट है। यूथ अगर किसी कॉज में बिलीव करता है तो उसे पुश करने के लिए हर कदम उठाता है। आज का यूथ किसी से डरता नहीं है। यूथ अपने पैरेंट्स से खुलकर कहते हैं कि वे लाइफ में क्या करना चाहते हैं।
'लव का द एंड' क्या छोटे शहर के दर्शकों को आकर्षित करेगी?
मुझे ऐसा लगता है। यह फिल्म यूथ के लिए बनाई गई है। अगर यह मेट्रो सिटी की ऑडियस के दिल को छू ले तो भी मैं बहुत खुश हूं। मैं बहुत छोटी हूं। छोटे शहरों की ऑडियस तक भी एक दिन पहुंच जाऊंगी।
-रघुवेंद्र सिंह 

Monday, May 2, 2011

शबाना को राज कपूर अवार्ड

मुम्बई. महाराष्ट्र सरकार ने प्रख्यात अभिनेत्री शबाना आजमी को सिनेमा में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज कपूर पुरस्कार से नवाजा है। मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने शनिवार रात मुम्बई में हुए एक विशेष समारोह में 2010-11 का  राज कपूर विशेष योगदान पुरस्कार शबाना आजमी को दिया।

निर्माता बने पूरब


युवा अभिनेता पूरब कोहली निर्माता बन चुके हैं। उन्होंने ओनिर की फिल्म में आई ऐम में मुख्य भूमिका निभाने के साथ-साथ निर्माता की जिम्मेदारी भी उठाई है। हालांकि उनका निर्माता बनने का इरादा नहीं था। पूरब कहते हैं, ओनिर जुदा किस्म के निर्देशक हैं। यह बात उन्होंने अपनी पहली फिल्म माई ब्रदर निखिल से साबित कर दी थी। वे मेरे मित्र भी हैं। ओनिर को फिल्म के लिए बजट जुटाने में परेशानी हो रही थी। वे सोशल नेटवर्किग साइट से पैसे इकट्ठा कर रहे थे। मैं उन्हें सपोर्ट करने के लिए इस फिल्म में को-प्रोड्यूसर बन गया। मैं भविष्य में भी ओनिर को सपोर्ट करूंगा। उनके जैसे साहसिक निर्देशक की फिल्म इंडस्ट्री में जरूरत है।

आई ऐम में चार कहानियां हैं। ये आफिया, ओमार, मेघा और अभिमन्यु की हैं। पूरब ने फिल्म में एक मेडिकल स्टूडेंट की भूमिका निभाई है, जो जमशेदपुर से है। पूरब बताते हैं, फिल्म की चारों कहानी बोल्ड हैं। आफिया एक मॉडर्न लड़की की कहानी है, जो बिना शादी किए मां बनने का फैसला करती है। आफिया कहती है कि वह उस आदमी से मिलना चाहती है, जिसके स्पर्म से वह मां बनेगी। मैंने इस कहानी में मीडिल क्लास लड़के सूरज का किरदार निभाया है। उसने मजबूरी में अपना स्पर्म डोनेट किया है।
ओनिर की पहली फिल्म माई ब्रदर निखिल में पूरब काम कर चुके हैं। आई एम में ओनिर द्वारा मिली चुनौती के बारे में वे कहते हैं, ओनिर हमेशा चुनौती देते हैं। वे एक नया किरदार निभाने का मौका देते हैं। माई ब्रदर निखिल के बाद वे अपने ट्रैक से भटक गए थे। उन्होंने दर्शकों की पसंद के हिसाब से बस एक पल और सॉरी भाई फिल्में बनाई, जो नहीं चलीं। आई ऐम से वे अपने पुराने फॉर्म में लौटे हैं। उनकी फिल्म वर्तमान समय के कुछ गंभीर मुद्दों के साथ डील करती है। ओनिर की ग्रोथ के बारे में पूरब कहते हैं, उन्होंने पहली फिल्म में अपना स्टैंडर्ड बहुत ऊंचा बना दिया था। उनसे दर्शकों की उम्मीदें बहुत ज्यादा थीं। वे दबाव में आ गए थे, लेकिन आई ऐम से वे एक नई ऊंचाई पर पहुंच जाएंगे।
पूरब कोहली आई ऐम से जुड़ी एक नई बात बताते हैं कि इस फिल्म में पांच कहानियां हैं। पूरब के अनुसार, शुरू में ओनिर पांच कहानियां फिल्म में रख रहे थे। हम लोग एक कहानी रूद्रा पर काम कर रहे थे। मैं उसमें रूद्रा की भूमिका निभाने वाला था, लेकिन हमने रियलाइज किया कि उस कहानी को बीस मिनट में पेश करना संभव नहीं होगा। वह कहानी भविष्य में एक फिल्म के रूप में आ सकती है। मैं चाहता हूं कि वह कहानी बड़े पर्दे पर आए।
पूरब आजकल भुज की कड़कती गर्मी में गिरीश मलिक की फिल्म जल की शूटिंग कर रहे हैं। पूरब बताते हैं, इस फिल्म की कहानी इतनी अच्छी है कि हम गर्मी बर्दाश्त कर ले रहे हैं। गौरतलब है कि आई ऐम के बाद पूरब की रंगीन मॉकटेल, रेक्टेंगल लव स्टोरी और जल फिल्में प्रदर्शित आएंगी।
-रघुवेंद्र सिंह 

Sunday, May 1, 2011

जवानी जिंदाबाद

प्यार में धोखा खा चुकी खूबसूरत लड़की अब पर्दे पर आंसू बहाती नहीं, बल्कि ब्वॉयफ्रेंड की बैंड बजाती नजर आएगी। जी हाँ, आपका मनोरंजन करने आ रही हैं लव, सेक्स, चीट और क्राइम की सोशल नेटवर्किग साइट्स से उपजी नए किस्म की बोल्ड कहानियां।

सबसे बड़ा है दर्शक वर्ग
आजकल टेलीविजन पर लव का द एंड फिल्म का ताजा आइटम सांग 'मटन' खूब बज रहा है। इस गीत को देखकर एकबारगी यकीन नहीं होता कि इसका निर्माण पारिवारिक मनोरंजक फिल्मों के लिए लोकप्रिय यशराज फिल्म्स ने किया है परंतु समय और बाजार की मांग को देखते हुए यशराज ने इस तरह की फिल्मों के निर्माण के लिए अपने एक नए बैनर वाई फिल्म्स की शुरूआत की है और इसके संचालन की जिम्मेदारी यूथ चैनल एमटीवी के हेड आशीष पाटिल को सौंपी है। आशीष पाटिल कहते हैं, ''यूथ बहुत बड़ी ऑडियंस है। मैं सोच रहा हूं कि अब तक इसके बारे में किसी ने सोचा क्यों नहीं। जो जीता वही सिकंदर फिल्म के समय से यह दर्शक वर्ग अपनी पसंद की फिल्मों का इंतजार कर रहा था। दुनिया की सबसे यंग कंट्री है इंडिया। पंद्रह से पैंतीस की उम्र के बीच पैंतीस करोड़ लोग हैं। ये लोग तय करते हैं कि क्या देखा जाएगा और क्या खरीदा जाएगा!''

बोल्ड और बिंदास हैं युवा
आज का युवा सारे फार्मूलों को तोड़ना चाहता है। फेसबुक, ऑर्कुट, टिवट्र जैसी लोकप्रिय सोशल नेटवर्किग साइट्स पर आज के यूथ की अपनी अलग दुनिया है जिसमें वह मस्त रहता है। इस दुनिया की अलग भाषा है, जिसे समझने में पुराने लोगों को बहुत मशक्कत करनी पड़ रही है। निर्माता-निर्देशक अब इस दुनिया को ध्यान में रखकर फिल्में बना रहे हैं। नव स्थापित बैनर ऑल्ट एंटरटेनमेंट में लव सेक्स और धोखा जैसी बोल्ड चर्चित फिल्म का निर्माण कर चुकीं एकता कपूर अब रागिनी एमएमएस लेकर आ रही हैं। यह एक कपल की कहानी है। लड़का लड़की का एमएमएस बनाकर बेचने की मंशा से कमरे में कैमरा लगा देता है। वाई फिल्म्स की मुझसे फ्रेंडशिप करोगे फेसबुक पर होने वाली दोस्ती की कहानी है तो इस बैनर की वायरस दीवान एक हैकर की। अनुराग कश्यप और टिपिंग प्वाइंट फिल्म्स की संयुक्त प्रस्तुति शैतान फिल्म मेट्रो सिटी के यूथ की बोल्ड कहानी है। काबिले-जिक्र यह है कि वायरस दीवान से बोनी कपूर के बेटे अर्जुन कपूर एक्टिंग में डेब्यू कर रहे हैं।

नए सितारों का आगमन
यूथ बेस्ड फिल्मों के निर्माण के नए दौर का लाभ यह हुआ है कि अब नए विषयों, नए कलाकारों, नए किस्म के गीत-संगीत को मौका मिल रहा है। नए किस्म का बाजार खड़ा हो रहा है। इस बाजार को आजमाने का प्रयास पहले भी फिल्मकार करते रहे हैं। यशराज फिल्म्स का राकेट सिंह सेल्समैन ऑफ द ईयर, करण जौहर का वेकअप सिड और अनुराग कश्यप का उड़ान के रूप में यह प्रयास नजर आता है। रोजगार और रिलेशनशिप पर बनीं इन फिल्मों को मिले दर्शकों के पॉजिटिव रिस्पांस के बाद निर्माताओं का साहस बढ़ा। फिर यूथ ओरिएंटेड फिल्मों के निर्माण के लिए खास तौर से ऑल्ट एंटरटेनमेंट, वाई फिल्म्स, टिपिंग प्वाइंट फिल्म्स जैसे बैनरों की स्थापना हुई। शाहरूख खान के होम प्रोडक्शन की फिल्म ऑलवेज कभी कभी, कुमार मंगत की प्यार का पंचनामा भी इसी कड़ी की फिल्में हैं। यूथ फिल्मों के नए बाजार की अनदेखी करते हुए कुछ लोग यश चोपड़ा और एकता कपूर की ऐसी फिल्मों के निर्माण की पहल की आलोचना कर रहे हैं। हैरान हैं एकता कपूर, लेकिन वे कहती हैं, ''मुझे इन बातों की परवाह नहीं। युवाओं को मेरी फिल्में पसंद आ रही हैं। वे मेरी तारीफ करते हैं।''
चुनौती बना गीत-संगीत
निर्माता-निर्देशक खयाल रख रहे हैं कि आज का यूथ पाश्चात्य संगीत प्रेमी है। उसे अंग्रेजी गाने पसंद हैं। देव डी और उड़ान फिल्मों के लिए जुदा किस्म के गीत लिख चुके गीतकार अमिताभ भंट्टाचार्य का लव का द एंड फिल्म का 'मटन' सांग हो या 'फ्रीक आउट' सांग, दोनों यूथ में पॉपुलर हो रहे हैं। अमिताभ भंट्टाचार्य कहते हैं, ''आज का यूथ रॉक और पॉप सुनता है। वह हिंग्लिश बोलता है। उनके लिए गीत लिखना मेरे लिए चुनौती थी। मैं युवाओं के अड्डों पर गया और उन्हें ऑब्जर्व किया तब लव का द एंड के गाने लिख सका। अमिताभ का मानना है कि यूथ ओरिएंटेड गीत-संगीत से हिंदुस्तानी संगीत को नुकसान नहीं पहुंचेगा। बाजार में हर तरह की फिल्म और गीत-संगीत के लिए ऑडियंस है।''

प्रचार के हैं नए फंडे
दिलचस्प बात यह है कि इन फिल्मों के प्रचार के लिए निर्माता फेसबुक और ट्विटर के अलावा एसएमएस का इस्तेमाल कर रहे हैं। फिल्म कंपनियों की योजना यह भी है कि यदि फिल्में यूथ को पसंद आईं तो वे किरदारों के टी-शर्ट, मग आदि उत्पाद को बाजार में उतारेंगे। उम्मीद है कि फिल्मकार अपनी फिल्मों के जरिए यूथ को कोरा एंटरटेनमेंट नहीं परोसेंगे। वे मेट्रो सिटी के यूथ की कॉलेज की मौज-मस्ती, फेसबुक की दोस्ती और यंग लव स्टोरी की सीमा से बाहर निकलकर छोटे शहर के युवा की दुनिया को भी टटोलेंगे!

-रघुवेन्द्र सिंह

कुछ वक्त अपने लिए भी चाहिए-मनीष पॉल

मनीष पॉल अचानक सोनी के लोकप्रिय शो 'कॉमेडी सर्कस' से अलग हो गए। कहा जा रहा है कि निर्माताओं ने उनकी बेवजह मागों से परेशान होकर उन्हें शो से बाहर कर दिया। हालाकि मनीष पॉल का कहना है, 'मेरे बारे में अफवाह फैलाई जा रही है। शो से अलग होने का फैसला मेरा था। मैं दोपहर ग्यारह बजे से अगले दिन दोपहर ग्यारह बजे तक लगातार शूटिंग नहीं कर सकता था। निर्माता विपुल शाह से मेरे आज भी अच्छे सबध हैं। ऐसा नहीं होता तो वह मुझे कॉमेडी सर्कस के अगले सीजन में ऑफर नहींदेते।'



गौरतलब है कि मनीष आजकल स्टार प्लस के शो 'प्यार में ट्विस्ट' में अभिनय के साथ-साथ जी टीवी के डास रिएलिटी शो 'डास के सुपरस्टार' का सचालन कर रहे हैं। दो शो की जिम्मेदारी एक साथ सफलता से निभाने का राज मनीष बताते हैं, 'डास के सुपरस्टार्स' की शूटिंग हफ्ते में एक दिन होती है और 'प्यार में ट्विस्ट' की शूटिंग महीने में दस या बारह दिन। इस तरह मुझे पत्नी और बेटी साइशा के साथ समय बिताने का अवसर भी मिल जाता है। मैं इन पलों को एंजॉय कर रहा हूं। जब रात को बेटी जग जाती है तो बीवी के साथ मैं उसकी देखभाल करता हूं। अब बेटी हमारे ऊपर रूल करती है। उसका मूड अच्छा होता है तभी हम कहीं बाहर घूमने निकल पाते हैं।
मनीष शिकायती लहजे में कहते हैं,'हमारी इंडस्ट्री की यह सबसे बड़ी खामी है कि जब एक कलाकार किसी विशेष किस्म के काम के लिए लोकप्रिय हो जाता है तो लोग उसे उसी प्रकार के काम का ऑफर देते हैं। जैसे मेरे साथ हुआ है। मेरे पास सिर्फ कॉमेडी शो में हिस्सा लेने या फिर शो होस्ट करने के ऑफर ही आते हैं जबकि मैं सीरियस किस्म का काम भी कर सकता हूं।'
-रघुवेन्द्र सिह