Friday, June 19, 2020

"सच्चा प्यार और पूरे ईमान से किया हुआ इश्क़ कभी नापाक़ नहीं होता"

बॉलीवुड से लेकर बॉर्डर तक देश में हलचल है. आक्रोश का माहौल है. इन सबके बीच वादे के मुताबिक हम हाज़िर हैं #रघुवार्ता के साथ. इस बार हमने बातें की तेज़-तर्रार अभिनेत्री स्वरा भास्कर से... तनु वेड्स मनु, रांझणा, निल बट्टे सन्नाटा, अनारकली ऑफ़ आरा और वीरे दी वेडिंग में उनकी दमदार अदाकारी आप सबने देखी है.  जितना खरा उनका अभिनय, उतनी ही खरी उनकी बातें.  इस बातचीत में उनके सीधे और सटीक जवाब काबिलेतारीफ हैं. पढ़ें और शेयर करें!


देश और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में इस समय अशांति और व्याकुलता का माहौल है. इन परिस्थितियों ने आपको मानसिक रूप से कितना विचलित किया है? #रघुवार्ता
मैं भी उतनी ही दुखी और परेशान हूँ पिछले हफ़्ते की घटनाओं को लेकर जितने सब हैं- सुशांत सिंह राजपूत की दुःखद आत्महत्या ने मुझे हिला दिया है, और गलवान में हमारे जवानों की मौत और शहादत ने दिल को पसीच दिया है। जवानों को श्रद्धांजलि, सुशांत को सलाम & इनके परिवारों को मेरी प्रार्थनाएँ।

फिल्म सितारों की ग्लैमरस ज़िन्दगी में क्या वाकई अकेलेपन का अंधेरापन होता है? आप इस प्रतिस्पर्धा भरी इंडस्ट्री में खुद को कैसे संयमित रखती हैं? #रघुवार्ता
किसी की भी ज़िंदगी में अकेलापन और अंधकार आ सकते हैं- जैसे किसी को भी डिप्रेशन की बीमारी हो सकती है। दुःख और बीमारी हैसियत और स्टारडम नहीं देखते। मुझे मेरे माँ बाप, भाई, क़रीबी दोस्त संयमित रखते हैं- इन्ही से मेरी ज़िंदगी के मायने हैं!

सोशल मीडिया पर आयी अभद्र टिप्पणियों और अपमान जनक शब्दों से खुद को कैसे अप्रभावित रखती हैं? #रघुवार्ता 
ढीट बनकर। ये समझकर की जो इंसान गाली देकर या अभद्र भाषा इस्तेमाल करके बात कर रहा है- उसके पास तर्क नहीं है। और बेतुके लोगों की बातों का क्या तवज्जो देना? उनकी बातें उनकी असलियत बताती हैं, मेरी नहीं।

आपसे तनु वेड्स मनु (2011) के दिनों जब भेंट हुई थी, तब आपका लक्ष्य अभिनय में प्रसिद्धि हासिल करना था. बीच में ऐसा क्या घटित हुआ कि अचानक आपकी प्राथमिकता जनचिंतन या कहें कि राजनीति बन गई? #रघुवार्ता 
जनचिंतन, आस पास की दुनिया और हमारे देश के हालात, समाज और सामाजिक संदर्भ में हमेशा से मेरी रुचि रही है। समाजशास्त्र में MA किया है मैंने। तब प्रसिद्ध नहीं थी, लोग मुझे नहीं जानते थे तो मेरे विचारों को नहीं जानते थे। अब जानते हैं :) बस इतना घटित हुआ- nobody से somebody :)

इस समय अगर आपको कोई एक राजनीतिक पार्टी ज्वाइन करनी हो तो वो पार्टी कौन-सी होगी और क्यों? #रघुवार्ता 
मुझे इस समय बिलकुल राजनीति ज्वाइन नहीं करनी। काम करना है। एक्टिंग करनी है अनुराग कश्यप, अनुभव सिन्हा और तमाम डाइरेक्टर्स के साथ जिनके आर्ट की मैं इज़्ज़त करती हूँ।

एक इंसान की राजनितिक विचारधारा का उसके जीवन और रोज़गार पर असर पड़ता है. क्या आपको किसी फिल्म या कार्यक्रम से बाहर किया गया है आपकी विचारधारा के कारण? #रघुवार्ता 
हाँ पड़ा है। ख़ासकर 2019 के लोक सभा कैम्पेनिंग के बाद. पर ठीक है. जो विचारधारा कुछ बुरे असर से डगमगा जाए वो विचारधारा नहीं भेड़ चाल है। :)


आपने अनेक प्रवासी मजदूरों को उनके घर पहुँचाया। कोरोना महामारी के इस विषमकाल में आप ज़रूरतमंदों को खान-पान से लेकर चप्पलें तक उपलब्ध करवायीं. आपकी समाज सेवा की प्रशंसा होनी चाहिए. #रघुवार्ता 
नहीं। मैंने ऐसा कुछ महान नहीं किया। मुश्किल समय में एक दूसरे की मदद करना इंसानियत का मूल उसूल है- हम इंसान पैदा हुए हैं- अपना मानव धर्म निभाने में क्या प्रशंसा पाना? इतना तो बेसिक ह्यूमैनिटी है- इस वक्त में सबने की है- बस फिल्म स्टार्स लोगों की नज़रों में जल्दी आते हैं.

अपनी अगली फिल्म शीर कोरमा में आप एक मुस्लिम महिला का किरदार निभा रही हैं, जो एक दूसरी महिला से प्रेम करती है. क्या इस नापाक रिश्ते, जैसाकि फिल्म के संवाद में कहा गया है, को समाज मंज़ूरी देगा? #रघुवार्ता 
सच्चा प्यार, और पूरे ईमान से किया हुआ इश्क़ कभी नापाक़ नहीं होता। शीर खुरमा फ़िल्म में यही बात निर्देशक फ़राज़ अंसारी ने इतनी सादगी और सच्चाई से बयान की है कि किसी को दिक़्क़त नहीं होनी चाहिए। बाक़ी ‘कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना..’

ओटीटी प्लैटफॉर्म्स अब फिल्मों और शोज का नया अड्डा बन रहे हैं. आपकी नयी सीरीज़ रसभरी आने वाली है. क्या टीवी और थियेटर को ओटीटी प्लैटफॉर्म्स से डरने की ज़रूरत है? #रघुवार्ता  
थियटर में फ़िल्म देखने का जो मज़ा है, वो एक सामाजिक अनुभव है- वो बरकरार रहेगा चाहे, टेक्नॉलोजी बदले और नए प्लैटफॉर्म्स आ जायें। केबल टीवी, वीसीआर, डीवीडी, होम थियटर ने तो थियटर को नहीं ख़त्म किया। पर कलाकार होने के नाते, जितने प्लैटफॉर्म्स उतना ज़्यादा काम

क्या वीरे दी वेडिंग के सीक्वल पर काम शुरू हो चुका है? करीना, सोनम, शिखा और आप सब होंगे न? सीक्वल में विषय क्या होगा? #रघुवार्ता
इस सवाल का सही जवाब तो निर्माता रिया कपूर और एकता कपूर ही दे पाएँगे। बाक़ी मुझे भी उतना ही पता है जितना आपको :) पर कभी कभी सोचती हूँ इस बार साक्षी सोनी के रूप में स्वरा भास्कर क्या बवाल मचाएगी?।? सोच कर डर लगता है!!

India is a land of goddesses but it takes us second to abuse women. Why? #रघुवार्ता
Because human beings and human society have a huge tendency towards hypocrisy.

Can you recount one special moment from last year or any favourite on-set memory? #रघुवार्ता
Sharing screen space with the iconic & amazing #ShabanaAzmi while shooting #SheerQorma, watching her rehearse, lift the whole scene with her presence & performance and to have her listen to & correct my pronunciation! Uff death hi ho gayi! Thank uuuu Faraz Ansari.

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