Tuesday, November 10, 2009

राज करूंगा सबके दिल पर: आदित्य राय

आदित्य राय कपूर ने अपनी पहली फिल्म लंदन ड्रीम्स के प्रदर्शन से पहले ही संजय लीला भंसाली की गुजारिश और विपुल शाह की ऐक्शन रिप्ले साइन कर ली थी। चैनल वी के पॉपुलर वीजे रहे आदित्य खुद को किस्मत वाला मानते हैं। उनका कहना है कि दर्शकों ने उन्हें स्वीकार कर लिया, तो वे हिंदी फिल्मों में लंबी पारी खेलेंगे। आदित्य खुद बता रहे हैं अपने बारे में अपनी बात.. .
आकर्षण नहीं था: मैं मुंबई में पला-बढ़ा जरूर हूं, लेकिन मुझे ग्लैमर व‌र्ल्ड का जरा भी आकर्षण नहीं था। चैनल वी का वीजे बनना एकसंयोग था। मेरे बड़े भाई के एक दोस्त ने मुझे ऑडीशन के लिए बुलाया। वे चैनल वी के लिए वीजे ढूंढ रहे थे। मैं उस समय उन्नीस साल का था। किस फील्ड में करिअर बनाना है, मैंने सोचा नहीं था। मैंने ऑडीशन में जाने से मना कर दिया, लेकिन मम्मी के बार-बार कहने पर मैं बेमन से ऑडीशन देने गया और चुन लिया गया। बाद में वीजे के काम को मैं एंज्वॉय करने लगा। मैं साढ़े चार साल तक चैनल वी का वीजे रहा।
एक्टिंग में आना संयोग: मेरा फोटो अखबार में देखकर एक कास्टिंग लेडी ने फोन किया। उन्होंने बताया कि विपुल शाह की फिल्म लंदन ड्रीम्स के लिए उन्हें एक नए चेहरे की तलाश है। मैं सोच ही रहा था कि आगे क्या करना है? तभी मुझे यह कॉल आई। मैं उस लेडी से मिलने गया, तो उन्होंने मुझे सीधे विपुल सर से मिलवाया। मैं उनसे दो मिनट के लिए मिला। उन्होंने बताया कि फिल्म में गिटारिस्ट का किरदार है। संयोग से मैं गिटार बजाता हूं। मैं फिल्म के लिए चुन लिया गया। मैंने कभी नहीं सोचा था किएक दिन ऐक्टर बनूंगा। मैंने एक्टिंग की ट्रेनिंग भी नहीं ली है। हां, मेरे दोनों बड़े भाई कुणाल राय कपूर और सिद्धार्थ राय कपूर अभिनय से जुड़े हैं, इसलिए घर में हमेशा एक्टिंग की बातें होती हैं।
शूटिंग का अनुभव: विपुल शाह जानते थे कि यह मेरी पहली फिल्म है, इसलिए सलमान खान और अजय देवगन के साथ एक फ्रेम में एक्टिंग करते समय मैं नर्वस जरूर होऊंगा। उन्होंने धैर्य के साथ मुझसे काम लिया। फिल्म की शूटिंग के आरंभिक दिनों में मुझे काफी दिक्कत हुई। दरअसल, मेरी हिंदी अच्छी नहीं है। चैनल वी में मैं अधिकतर अंग्रेजी में बात करता था। विपुल सर ने मुझे बहुत प्रोत्साहित किया।
किस्मत का धनी: मैंने पहली फिल्म विपुल शाह जैसे बड़े फिल्मकार के साथ की है। इसमें सलमान खान और अजय देवगन जैसे सीनियर कलाकारों के साथ स्क्रीन शेयर किया। इससे बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है? मैं खुद को किस्मत वाला कह सकता हूं, क्योंकि पहली फिल्म के प्रदर्शन से पहले ही मैंने संजय लीला भंसाली की फिल्म गुजारिश साइन की है। उसमें मैं रितिक रोशन और ऐश्वर्या राय के साथ हूं। मैं विपुल सर की अगली फिल्म ऐक्शन रिप्ले भी कर रहा हूं।

-raghuvendra singh

Sunday, November 8, 2009

कॅरियर का मुश्किल किरदार है रैंचो

आमिर खान दर्शकों के बीच हर बार एक नये लुक में आते हैं और छा जाते हैं। गजनी में वे एट पैक एब्स के साथ आए थे। अब आमिर एक साधारण इंसान के तौर पर दर्शकों के बीच होंगे 3 इडियट्स में। गौरतलब है कि 3 इडियट्स इंजीनियरिंग कॉलेज के तीन दोस्तों रैंचो, फरहान और राजू की कहानी है। आमिर इसमें बीस साल के नौजवान रैंचो का किरदार निभा रहे हैं। रैंचो के किरदार के बारे में आमिर कहते हैं, यह मेरे कॅरियर का एक मुश्किल किरदार है। इस किरदार में खुद को ढालने में मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी। सिंपल दिखना एट पैक बनाने से अधिक कठिन है।
मिस्टर परफेक्सनिस्ट अपनी हर फिल्म के प्रदर्शन के पहले बेहद नर्वस हो जाते हैं। नर्वस होने की बात पर वे कहते हैं, मैं अपनी हर फिल्म के प्रदर्शन से पहले नर्वस हो जाता हूं और जब मेरी फिल्म का फ‌र्स्ट लुक शो हो, तो यह नर्वसनेस कुछ अधिक ही होती है। 3 इडियट्स के प्रदर्शन में अभी काफी समय है। पता नहीं, यह समय कैसे कटेगा। फिल्म के संदर्भ में एक बात खास है वह यह कि आमिर खान यह खुलासा करने से बचते हैं कि 3 इडियट्स चेतन भगत के नॉवेल फाइव प्वाइंट समवन पर आधारित है। वे कहते हैं, यह जानने के लिए 3 इडियट्स देखनी पड़ेगी। मैंने स्क्रिप्ट पढ़ी। मुझे स्क्रिप्ट इतनी अच्छी लगी कि मैंने हां कह दिया। इसमें राजकुमार हिरानी की पिछली फिल्मों की तरह ह्यूंमर और एंटरटेनमेंट है। मैंने चेतन भगत का नॉवेल पढ़ा ही नहीं है। राजकुमार हिरानी, आमिर खान और विधु विनोद चोपड़ा की तिकड़ी पहली बार 3 इडियट्स के लिए एक संग हुई है। आमिर कहते हैं कि मुन्नाभाई एमबीबीएस देखने के बाद से वे इनके साथ काम करना चाहते थे। वे खुश हैं कि राजकुमार हिरानी और विधु विनोद चोपड़ा ने उन्हें 3 इडियट्स के रूप में चुनौतीपूर्ण फिल्म दी।
-रघुवेन्द्र सिंह

ख्वाहिशें पूरी हो जाएंगी-नंदिश संधू

कॅरियर के शुरुआती दिनों से नंदिश संधू ऐसे किरदार की तलाश में थे जो उन्हें हर घर में लोकप्रिय बना दे। कलर्स के सीरियल उतरन से जुड़ने के बाद नंदिश की वह तलाश खत्म हो गयी। नंदिश खुशी के साथ कहते हैं, मैंने बालाजी के सीरियल कयामत से कॅरियर की शुरुआत की। उसके बाद ख्वाहिश और हम लड़कियां सीरियल में महत्वपूर्ण किरदार निभाए, लेकिन उतरन के वीर की बात अलग है। वीर अमीर परिवार का सीधा-सादा प्यारा सा लड़का है। हर लड़की उसे अपना बनाना चाहती है। तपस्या और इच्छा के बीच भी इसी बात को लेकर लड़ाई चलती है। अंत में तपस्या धोखे से वीर से शादी कर लेती है। नंदिश बेझिझक बताते हैं कि वीर के लिए हां कहते समय उन्हें उम्मीद नहीं थी कि यह किरदार लोकप्रिय होगा। नंदिश की जुबानी, मैंने उतरन के कुछ एपीसोड देखे थे। मैं जानता था कि उतरन इच्छा और तपस्या की कहानी है और दोनों किरदार लोगों की पसंद बने हुए हैं। मैं खुश हूं कि दर्शकों ने तपस्या और इच्छा की तरह अब मुझे भी अपना लिया है।
नंदिश संधू राजस्थान के धौलपुर से हैं। वे दस साल पहले मुंबई पढ़ाई करने आए थे। अपने बारे में नंदिश बताते हैं, मेरी ख्वाहिश बचपन से एक्टिंग में आने की थी, लेकिन धौलपुर में रहते हुए इस ख्वाहिश को पूरा करना मेरे लिए मुश्किल था। मैं दस साल पहले मुंबई पढ़ने के लिए आया। पढ़ाई खत्म होते ही मैंने मॉडलिंग में किस्मत आजमानी शुरू कर दी। दो साल तक मैं मॉडलिंग करता रहा और साथ ही, मैंने सीरियल के लिए ऑडिशन देने शुरू कर दिया। मुझे जल्द ही एकता कपूर के सीरियल कयामत में लिए चुन लिया गया।
नंदिश ने एक्टिंग की फॉर्मल ट्रेनिंग नहीं ली है। वे कहते हैं, मैं अपने सह कलाकारों को देखकर एक्टिंग सीखता हूं। उतरन में अयूब खान एवं अन्य कई सीनियर कलाकार हैं। मैं सेट पर उन्हें शॉट देते समय ध्यान से देखता हूं। यदि आपका ऑबर्जवेशन अच्छा है तो अपने आस-पास के लोगों को देखकर आप एक्टिंग सीख सकते हैं। मेरे हिसाब से एक्टिंग की फॉर्मल ट्रेनिंग जरूरी नहीं है।
उतरन में तपस्या और इच्छा का किरदार निभा रही रश्मी देसाई और टीना के साथ काम करने के अनुभव के बारे में नंदिश कहते हैं, दोनों के एक्टिंग की तारीफ सारी दुनिया कर रही है। मैं क्या कहूं? उतरन के सभी कलाकार अपने किरदार अच्छे से निभा रहे हैं। तभी तो उतरन कलर्स का नंबर वन सीरियल बन गया है। वीर की एन्ट्री के बाद उतरन की टीआरपी और बढ़ गई है।
लक्ष्य के बारे में पूछने पर नंदिश संधू कहते हैं, मैंने कोई लक्ष्य नहीं बनाया है। मैं सीरियल में एक्टिंग कर रहा हूं, कल यदि किसी फिल्म में काम करने का ऑफर आया तो मैं मना नहीं करूंगा। मुझे सिर्फ अच्छे किरदार से मतलब है। माध्यम कोई भी हो, मुझे फर्क नहीं पड़ता। मेरी ख्वाहिश हॉलीवुड फिल्म में काम करने की है। मैं मेहनत कर रहा हूं। उम्मीद है कि एक दिन मेरी सभी ख्वाहिशें पूरी हो जाएंगी।
-रघुवेन्द्र सिंह

Saturday, November 7, 2009

चुनौती होती है हर फिल्म: हिमेश रेशमिया

लोकप्रिय संगीतकार-गायक हिमेश रेशमिया अब फिल्म इंडस्ट्री के व्यस्त कलाकार हो चुके हैं। इस साल उन्होंने पांच फिल्मों रेडियो, कजरारे, इश्क अनप्लग्ड, ए न्यू लव स्टोरी और मुड़ मुड़ के ना देख मुड़ मुड़ के की शूटिंग खत्म की है, जिनमें से फिल्म रेडियो रिलीज होने वाली है। बातचीत होती है हिमेश से तो उनसे पहला सवाल होता है कि फिल्म आपका सुरूर और कर्ज की तरह आपने रेडियो के लिए भी विशेष लुक अपनाया है? वे कहते हैं, हां, मैं रेडियो में आरजे विवान शाह का रोल कर रहा हूं। इसके लिए मैंने बाल छोटे करवाए। विवान छोटे शहर का लड़का है। उसकी पृष्ठभूमि को ध्यान में रखकर मैंने ऐसा किया। फिल्म में लोगों को लुक के साथ मेरी परफॉर्मेस का भी नया रंग देखने को मिलेगा। मैंने फिल्म के लिए पहली बार एक्टिंग की वर्कशॉप अटेंड की। मैं एक तरह के लुक, एक्टिंग और संगीत से लोगों को बोर नहीं करना चाहता। हर फिल्म में दर्शकों के सामने नए अंदाज में आऊंगा।
उनसे अगला सवाल होता है कि रेडियो की कहानी क्या है? वे बताते हैं, यह छोटे शहर के मध्य वर्गीय लड़के विवान की कहानी है। वह मुंबई में आरजे की नौकरी करता है। विवान लोगों की प्यार की समस्याएं हल करता है, जबकि निजी जिंदगी में प्यार की समस्या के कारण पत्नी से उसका तलाक हो चुका है। जब उसकी जिंदगी में दूसरी लड़की शान्या आती है, तो उसकी खुशियां वापस लौटने लगती हैं। इसी बीच उसकी पत्नी दोस्त बनकर उसके पास वापस आती है और फिर लव ट्रेंगल शुरू हो जाता है। यह एक रोमांटिक कॉमेडी है। इस फिल्म से महानगर और छोटे शहर के दर्शक जुड़ाव महसूस करेंगे।
रेडियो के प्रदर्शित होने से पहले हिमेश से इसे हिट घोषित कर दिया है। क्या यह पब्लिक को आकर्षित करने का नया तरीका है? वे इस बारे में कहते हैं, मेरे बोलने से फिल्म हिट या फ्लॉप नहीं हो सकती। मैं इतना कह रहा हूं कि इसकी लागत छह करोड़ रुपये है और वह पैसा फिल्म के म्यूजिक, वीडियो राइट और डिस्ट्रीब्यूशन से वापस आ गया है। अब थिएटर से जो पैसा आएगा, वह मुनाफा होगा। रेडियो प्राइस वाइज हिट है।
हिमेश कहते हैं कि रेडियो से खुद को ऐक्टर के रूप में साबित करेंगे। क्या मानते हैं कि पब्लिक ने अभी तक आपको ऐक्टर के रूप में स्वीकार नहीं किया है? उनका कहना है, पब्लिक मुझे म्यूजिक डायरेक्टर, सिंगर और ऐक्टर के रूप में स्वीकार कर चुकी है। ऐक्टर के लिए उसकी हर फिल्म चुनौती होती है। इस फिल्म में मैंने नेचुरल एक्टिंग की है, जो बहुत मुश्किल होता है। मुझे उम्मीद है, रेडियो के प्रदर्शन के बाद मेरी गिनती मंझे हुए कलाकारों में होने लगेगी।
क्या सच है कि रेडियो की मेकिंग में आपका हस्तक्षेप रहा? हिमेश इस सवाल पर कहते हैं, फिल्म के निर्देशक ईशान त्रिवेदी हैं। मैं शूटिंग के दौरान फिल्म से जुड़ी हर चीज के बारे में ईशान से डिस्कस करता था। मैं फिल्म का हीरो हूं और जब तक सारी चीजों को समझूंगा नहीं, अपने काम को अछी तरह कैसे करूंगा? मैंने फिल्म के निर्देशन में हस्तक्षेप नहीं किया और न ही भविष्य में कभी ऐसा करूंगा।
फिल्म के गीत मन का रेडियो.. से हिमेश ने पांच सौ गीतों का सफर पूरा किया है। अभी तक के अपने सुरीले सफर को कैसे बयां करेंगे? वे बताते हैं, मैंने इस फील्ड में जो भी किया है, सभी को लोगों ने पसंद किया है। रेडियो के सभी गाने लोग खूब सुन रहे हैं। मैं अपने संगीत की वजह से ही आज इस मुकाम पर हूं। मैं लोगों का शुक्रिया कहना चाहूंगा और गुजारिश करूंगा कि लोग आगे भी मुझे प्यार देते रहें। हिमेश अपनी नई फिल्मों के बारे में बताते हैं, फिल्म कजरारे, ए न्यू लव स्टोरी, इश्क अनप्लग्ड और मुड़ मुड़ के ना देख.. की शूटिंग पूरी हो चुकी है। अगले साल फरवरी में कजरारे आएगी और उसके बाद इश्क अनप्लग्ड। मेरी तीन नई फिल्म भी शुरू होने जा रही है।

-raghuvendra Singh

Friday, November 6, 2009

मेरे गाने हमेशा हिट हुए: समीर

पेज थ्री, कॉरपोरेट और ट्रैफिक सिग्नल के बाद संगीतकार समीर टंडन और निर्देशक मधुर भंडारकर की जोड़ी फिल्म जेल में फिर आई है। पिछली फिल्मों की तरह इस जोड़ी की फिल्म जेल का गीत-संगीत भी संगीत प्रेमियों को लुभा रहा है। समीर खुश हैं, मधुर के साथ जेल मेरी चौथी फिल्म है। खुश हूं कि हमारी जोड़ी एक बार फिर लोगों को पसंद आ रही है। मधुर और मेरा चार साल का साथ बड़ी बात है। मधुर और मैं एक-दूसरे की जरूरतों को समझते हैं। यही वजह है कि हम साथ काम कर पाए हैं। वे रिअल कहानी पर फिल्म बनाते हैं और ऐसे फिल्ममेकर अलग तरह से सोचते हैं। उन्हें चालू संगीत पसंद नहीं आता।
जेल में कुल तीन गाने हैं और तीनों अलग फ्लेवर वाले। समीर बताते हैं, मधुर की पिछली फिल्मों में भी तीन-तीन गाने ही थे। मैं उनसे कहता हूं कि गानों के लिए स्पेस निकालिए, लेकिन वे कहते हैं कि रिअलिस्टिक फिल्मों में गानों के लिए अधिक स्पेस नहीं होता। जेल के गीत के बारे में समीर कहते हैं, पहला गाना प्रार्थना है, जिसे लता जी ने गाया है। दूसरा आइटम गीत है। उसके बोल हैं, बरेली के बाजार में. और तीसरा रोमांटिक पॉप गाना है। खुशी की बात है कि तीनों गाने लोगों को पसंद आ रहे हैं।
लता जी की आवाज में गाया जेल का प्रार्थना गीत दाता सुन ले.. हर मजहब के लोगों को भा रहा है। समीर कहते हैं, लता जी के साथ काम करना मेरे लिए उपलब्धि है। उन्होंने अब फिल्मों के लिए गीत गाना बंद कर दिया है। दरअसल, उन्हें अश्लील और पॉप गीत गाना पसंद नहीं है। अब वे भजन और आरती ही गाती हैं। हमने जेल में उनसे प्रार्थना गीत गवाया है, जो थीम सॉन्ग है। इस प्रार्थना गीत के लिए हमें ऐसी आवाज चाहिए थी, जो प्रेरणादायक लगे। मैंने लता जी के साथ पेज थ्री में भी काम किया था। नसीब वाला हूं कि मुझे उनके साथ फिर काम करने को मिला। समीर टंडन ने अब तक नौ फिल्मों में संगीत दिए हैं। उन्होंने फिल्म स्टंप्ड से अपने करिअर की शुरुआत की थी। एमबीए करने के बाद वे एक कंपनी में सीईओ के पद पर काम कर रहे थे, लेकिन संगीत से प्यार था, जो उन्हें खींचकर फिल्म इंडस्ट्री में ले आया। समीर बताते हैं, संगीत मुझे ईश्वर से उपहार में मिला है। मुझे हर तरह का संगीत पसंद है और मैं हर तरह का संगीत सुनता हूं। खुश हूं कि लोग मेरे संगीत को पसंद कर रहे हैं। समीर टंडन को दुख है कि उन्होंने जिन फिल्मों में संगीत दिए, वे नहीं चलीं। कहते हैं, मेरे गाने हमेशा हिट हुए हैं, लेकिन फिल्में नहीं चलीं। इसी वजह से मेरा नाम उतना चर्चित नहीं हो पाया। वे आगे कहते हैं, फिल्म जेल के अलावा मैंने क्लिक, चीयर्स, लूट, मुंबई चकाचक और हवाई दादा फिल्मों में संगीत दिया है। उम्मीद करता हूं, इन फिल्मों के गीतों को भी लोग पसंद करेंगे।
-raghuvendra singh

Thursday, November 5, 2009

कॉमेडी और रोमांटिक भूमिकाओं में दिखूंगा- नील नितिन मुकेश

नील को उम्मीद है कि जेल में एक्टिंग से वे अभिनय की दुनिया के मंझे खिलाड़ी के रूप में स्थापित हो जाएंगे। प्रस्तुत है, नील नितिन मुकेश से बातचीत के अंश-
क्या सच है कि आपने पांच थ्रिलर फिल्में करने का प्रण किया था?
हां, मैं खुद को एक्टर के तौर पर साबित करना चाहता था और मेरे हिसाब से थ्रिलर फिल्में बहुत मुश्किल होती हैं। मैंने तय किया कि मैं अपने कॅरियर की शुरूआती पांच फिल्में इसी जॉनर की करूंगा और खुद को साबित करूंगा। जॉनी गद्दार, आ देखें जरा, तेरा क्या होगा जॉनी और न्यूयॉर्क के बाद जेल उस कड़ी की आखिरी फिल्म है। जेल के बाद मैं कॉमेडी और रोमांटिक फिल्मों में दिखाई दूंगा।
जेल में आपको किस अंदाज में देख सकेंगे?
मैं इस फिल्म में पराग दीक्षित की भूमिका निभा रहा हूं। पराग मध्यमवर्गीय परिवार का लड़का है। उसकी खुशहाल जिंदगी में अचानक एक घटना घटती है और वह जेल के पीछे चला जाता है। मधुर भंडारकर ने इस फिल्म में जेल के पीछे की ऐसी हकीकतें बयां की हैं, जिन्हें देखकर दर्शक हिल जाएंगे। फिल्म में मेरे ओपोजिट मुग्धा गोड्से हैं। यह रियलिस्टिक फिल्म है इसलिए इसमें हमारा लुक भी रीयल रखा गया है। मैंने पराग दीक्षित के किरदार के लिए अपना वजन भी कम किया। जेल को मैं अपने कॅरियर की सबसे मुश्किल फिल्म कहूंगा।
मधुर भंडारकर के निर्देशन में काम करने का अनुभव बताएं?
मधुर भंडारकर सहज एवं सरल स्वभाव के हैं। वे सेट पर हमेशा कूल रहते थे। हमें हर दृश्य बारीकी से समझाते थे। उनका फिल्म मेकिंग का अपना अलग अंदाज है। मैंने उनकी पिछली फिल्में देखी हैं। कबीर खान के बाद मधुर भंडारकर मेरे छोटे से कॅरियर के दूसरे राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक हैं। मधुर भंडारकर के साथ काम करके मैं सम्मानित महसूस कर रहा हूं।
जेल की कामयाबी तय मानी जा रही है। आप क्या कहेंगे?
जेल मेरी फिल्म है इसलिए मैं तो चाहूंगा कि यह बॉक्स ऑफिस पर सफल हो। यदि लोग अभी से ऐसा मान रहे हैं, तो इससे बढ़कर खुशी की बात हमारे लिए और क्या हो सकती है। मैं चाहूंगा कि लोग थिएटर में जाकर जेल को देखें।
इसके बाद आपको किन फिल्मों में देखेंगे?
मैं यशराज फिल्म्स की प्रदीप सरकार के निर्देशन में एक फिल्म करने जा रहा हूं। उसमें मेरे साथ दीपिका पादुकोण हैं। न्यूयॉर्क के बाद वह यशराज के साथ मेरी दूसरी फिल्म है। उसके अलावा मैं केन घोष एवं अब्बास मस्तान की फिल्में भी कर रहा हूं।
एक्टिंग के अलावा कुछ नया करने की योजना है?
मुझे अच्छे निर्देशकों के साथ काम करने का मौका मिल रहा है इसलिए अपना सारा ध्यान फिल्मों पर लगा रहा हूं। हां, बीच में समय मिलता है तो मैं अपना सिंगिंग शौक पूरा कर लेता हूं।
-रघुवेन्द्र

बिग बॉस 3 के नए सदस्य होंगे प्रवेश राणा

मुंबई। मेरठ के प्रवेश राणा चर्चित रियलिटी शो बिग बॉस 3 के नए सदस्य होंगे। वे शुक्रवार को बिग बॉस के घर में प्रवेश करेंगे। गौरतलब है कि प्रवेश राणा वर्ष 2008 में मिस्टर इंडिया खिताब के विजेता रह चुके हैं। मिस्टर इंडिया प्रतियोगिता में उन्हें मिस्टर बेस्ट बॉडी, मिस्टर टैलेंटेड और मिस्टर ग्रूवी वॉयस के खिताब से भी पुरस्कृत किया गया था। प्रवेश मॉडलिंग जगत के लोकप्रिय चेहरे हैं। उन्होंने जूम एवं स्टार वन पर कुछ कार्यक्रमों की एंकरिंग भी की है। उल्लेखनीय है कि कलर्स के लोकप्रिय रियलिटी शो बिग बॉस में प्रत्येक वर्ष एक आम आदमी को लिया जाता है। पिछले वर्ष एलिना थीं।
-रघुवेन्द्र सिंह