Wednesday, July 15, 2009

खुद को करूंगी साबित-श्रुति हसन

श्रुति हसन को अभिनय की कला विरासत में मिली है। वे अभिनेता कमल हसन और अभिनेत्री सारिका की बेटी हैं। लक श्रुति हसन की पहली फिल्म है। सोहम शाह निर्देशित इस फिल्म में तेइस वर्षीय श्रुति, संजय दत्ता, मिथुन चक्रवर्ती, इमरान खान और डैनी जैसे स्थापित कलाकारों के साथ दिखाई देंगी। श्रुति ने लक में अभिनय के साथ इसके टाइटल टै्रक आजमा लक आजमा.. को अपनी आवाज दी है। प्रस्तुत है, श्रुति हसन से बातचीत-
आपके मन में सिनेमा से जुड़ने का ख्याल पहली बार कब आया?
मैं बचपन से ही सिनेमा का हिस्सा बनना चाहती थी। मेरा सौभाग्य है कि मेरा जन्म कमल हसन जैसे महान कलाकार के घर हुआ। मुझे बचपन से ही सिनेमा की बारीकियां को जानने और उन्हें समझने का मौका मिला, लेकिन यकीन मानिए मुझे इस क्षेत्र में आने के लिए किसी ने प्रेरित नहीं किया और न ही दबाव डाला।
कमल हसन की बेटी होने का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
मुझे बचपन से बेहतरीन फिल्में देखने और अच्छे एवं बुरे सिनेमा के बीच का फर्क समझने का अवसर मिला। कमल हसन ग्रेट फादर हैं। वे मुझे बहुत प्यार करते हैं। जहां तक प्रोफेशनली लाभ की बात है, तो मेरे लिए फिल्म इंडस्ट्री के दरवाजे आसानी से खुल गए।
क्या लक को आप आदर्श डेब्यू फिल्म मानती हैं?
लक रोमांचक एक्शन थ्रिलर है। लक मेरे लिए बेस्ट डेब्यू होगी। खास बात है कि मैं इसमें टिपीकल हीरोइन नहीं बनी हूं, जो हीरो के साथ रोमांस करती है और फैमिली में ड्रामा करती है। मैंने फिल्म में कई रोमांचक एक्शन दृश्य किए हैं। सोहम ने एक्शन दृश्य के लिए मेरे डुप्लीकेट का इस्तेमाल करने की बात कही थी, लेकिन मैंने उन्हें मना कर दिया और सभी एक्शन एवं स्टंट खुद ही किए।
लक की कहानी और अपनी भूमिका के बारे में बताएंगी?
लक की कहानी इसके नाम पर बेस्ड है। इसमें कई सारे पात्र हैं, जो अजीब परिस्थिति में फंस जाते हैं। उनकी जान पर बन आती है। इससे अधिक मैं कहानी का खुलासा नहीं कर सकती। इतना जरूर कहूंगी कि ऐसी कहानी न तो किसी ने अभी तक सुनी होगी और न ही ऐसी फिल्म इंडिया में अब तक बनी है। मैं इसमें आएशा की भूमिका निभा रही हूं। वह सच में जीती है और हमेशा रिस्क लेने के लिए तैयार रहती है। लक में मेरे पात्र के कई शेड्स हैं।
क्या सुनियोजित था कि आप एक्शन फिल्म से ही डेब्यू करेंगी?
मैंने कोई योजना नहीं बनाई थी। मुझे लक की स्क्रिप्ट अच्छी लगी। सोहम का फिल्म के प्रति अप्रोच और उनकी सोच स्पष्ट लगी। अब मैं शुद्ध रोमांटिक फिल्म करना चाहूंगी।
अभिनय और गायन में किसे ज्यादा एंज्वॉय करती हैं?
मैं दोनों को एंज्वॉय करती हँू। लक में मैंने एक गीत गाया है। उम्मीद है कि लोग अभिनय के साथ मेरे गायन की भी सराहना करेंगे। मैं अपने पापा की एक फिल्म का संगीत निर्देशन कर रही हूं। वह ए वेडनेसडे फिल्म का तमिल रीमेक है।
कमल हसन की बेटी होने के कारण किसी तरह का दबाव महसूस होता है?
बिल्कुल नहीं। यदि पहली फिल्म में लोग अपेक्षा करेंगे कि मैं पापा जैसा अभिनय करूंगी तो वह गलत होगा। मुझसे ऐसी उम्मीद करना बेमानी होगी। एक तो मैं लड़की हूं और दूसरा, मैं नई पीढ़ी की हूं। मैंने पापा से अभिनय के टिप्स नहीं लिये हैं। मैंने पैरेंट्स की फिल्में देखकर अभिनय सीखा है। मेरा लक्ष्य उन्हें क्रास करना है।
लक के अलावा आपने कोई फिल्म साइन की है?
मैं जल्दबाजी में नहीं हूं। मेरे पास कुछ फिल्मों के ऑफर आए हैं, लेकिन मैं लक के प्रदर्शित होने के बाद उन फिल्मों के बारे में बात करूंगी। मैं अच्छे लोगों के साथ अच्छा काम करना चाहती हूं।
-रघुवेन्द्र सिंह

अभिनय मुश्किल कला है: लीना झुंबानी

एकता कपूर के धारावाहिकों क्योंकि सास भी कभी बहू थी और कहानी घर घर की से प्रेरित होकर लीना झुंबानी अभिनय में आईं। लीना झुंबानी उत्साह के साथ बताती हैं, मैं बचपन में क्योंकि.. और कहानी घर घर की बहुत देखती थी और हमेशा स्वप्न में खुद को उन धारावाहिकों में देखती थी। मैंने उसी समय तय कर लिया था कि एक दिन पार्वती और तुलसी जैसी भूमिका करूंगी, लेकिन अफसोस कि जब मैं इस फील्ड में आई तो वैसे धारावाहिकों का दौर ही खत्म हो गया। मुझे दुख हुआ, पर खुशी इस बात की है कि मुझे उन्हीं धारावाहिकों की निर्मात्री एकता कपूर के देखरेख में अभिनय करने का मौका मिल रहा है। वैसे, उम्मीद है कि भविष्य में मुझे तुलसी जैसी भूमिका निभाने का मौका मिलेगा।
उन्नीस वर्षीय लीना एनडीटीवी इमैजिन पर प्रसारित धारावाहिक बंदिनी में खेमी की भूमिका निभा रही हैं। लीना बताती हैं, मैं अपनी दीदी के साथ शेयर बाजार के बिजनेस में काम करती थी। एक दिन उन्होंने बालाजी प्रोडक्शन हाउस की वेबसाइट पर उपलब्ध फार्म भरकर भेज दिया। हमें सकारात्मक रिस्पांस मिला। मैंने पहले भी बालाजी के कुछ धारावाहिकों के लिए ऑडिशन दिए थे, लेकिन पहला मौका बंदिनी में मिला। मैं खेमी की भूमिका को एंज्वॉय कर रही हूं। मैंने जब यह धारावाहिक साइन किया तभी मुझे पता चल गया था कि खेमी को लोग पसंद करेंगे। रोनित राय और आसिया काजी के साथ दर्शक मेरे काम की सराहना कर रहे हैं। यह मेरे लिए बड़ी बात है।
लीना झुंबानी अहमदाबाद की हैं। बंदिनी साइन करने से पहले वे तीन गुजराती फिल्मों और एक गुजराती धारावाहिक में मुख्य भूमिका निभा चुकी हैं। लीना बताती हैं, मैं पिछले दो सालों से अभिनय कर रही हूं। मैंने तीन गुजराती फिल्मों और एक गुजराती सीरियल में मुख्य भूमिका निभायी है, पर जब मुझे बंदिनी में सेकेंड लीड के लिए चुना गया तो मैं झिझकी नहीं। मेरी नजर में हर पात्र समान है। मैंने कुछ दिन पहले बालाजी के हॉरर शो कोई आने को है में मुख्य भूमिका निभायी थी।
लीना ने अभिनय में आने से पहले पन्द्रह दिन की एक्टिंग वर्कशाप की थी। वे अभिनय को मुश्किल कला मानती हैं। लीना कहती हैं, अभिनय में आने से पहले मुझे लगता था कि यह मुश्किल काम नहीं होगा, लेकिन अब मुझे अहसास हो रहा है कि जो आप नहीं हैं, उसे जीना कितना मुश्किल होता है। भावी योजनाओं के संदर्भ में वे कहती हैं, फिलहाल मैं अपना पूरा ध्यान बंदिनी पर लगा रही हूं। मैं अभी फिल्मों में काम नहीं करना चाहती। सोलह जुलाई को मैं बीस साल की होऊंगी। मेरे पास अभी काफी समय है। मेरा लक्ष्य अभिनय में ऊंचा मुकाम हासिल करना है। यकीन है, दर्शकों का प्यार और अपनों का सहयोग यूं ही मिलता रहा तो मैं अपनी मंजिल तक पहुंच जाऊंगी।
-रघुवेन्द्र

नई शुरुआत करेंगी ईशा

शादी के बाद ईशा कोप्पिकर ने नई फिल्में साइन करना बंद कर दिया है। कहीं ऐसा, तो नहीं कि पति टिम्मी नारंग को उनके फिल्मों में काम करने पर ऐतराज है। इस संदर्भ में पूछे जाने पर जानकारी मिली कि टिम्मी पत्नी ईशा से बेहद प्यार करते हैं। उन्हें ईशा के फिल्मों में काम करने पर आपत्ति नहीं है। वह अपनी पत्नी को बड़े पर्दे पर देखना पसंद करते हैं। ईशा ने अपनी मर्जी से नई फिल्में न साइन करने का फैसला किया है। टिम्मी और ईशा की आपसी समझ बहुत अच्छी है। वे एक-दूसरे के काम में कभी हस्तक्षेप नहीं करते हैं।
दरअसल, शादी के बाद नई जिंदगी की शुरुआत करने वाली ईशा अपने फिल्मी कॅरियर का आगाज भी अब नए सिरे से करना चाहती हैं। उनके पास नई फिल्मों के प्रस्ताव लगभग रोज आते हैं, लेकिन वह सबको मना कर देती हैं। इसका कारण है कि उन्हें मनमाफिक फिल्म नहीं मिल रही है। ईशा अब प्रभावशाली फिल्में करना चाहती है। उन्हे शादी के पूर्व की अपनी फिल्मों हैलो डार्लिग, राइट या रांग, हर पल और शबरी के प्रदर्शन का भी बेसब्री से इंतजार है। आजकल वह हैलो डार्लिग और राइट या रांग की शेष शूटिंग और डबिंग में व्यस्त हैं।
ईशा कोप्पिकर के मुताबिक, हैलो डार्लिग, राइट या रांग, हर पल और शबरी मेरे कॅरियर की खास फिल्में हैं। इनमें मैंने चुनौतीपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। रामगोपाल वर्मा की शबरी में, तो दर्शक मुझे महिला गैंगस्टर की भूमिका में देखकर चौक जाएंगे। जल्द ही दर्शक मुझे बड़े पर्दे पर देखेंगे। इन सभी फिल्मों के इस वर्ष प्रदर्शित होने की उम्मीद है। इनके प्रदर्शन के बाद मैं नई फिल्में साइन करूंगी। फिलहाल, मैं अपनी वैवाहिक जिंदगी को एंज्वॉय कर रही हूं। मैं टिम्मी के साथ खुश हूं। वह मेरा बहुत खयाल रखते हैं।
-रघुवेन्द्र सिंह

शाहिद से मिलेंगी करीना!

शाहिद कपूर और करीना कपूर ने अपनी एक साथ की आखिरी फिल्म मिलेंगे-मिलेंगे के अधूरे काम को पूरा कर दिया है। निर्देशक सतीश कौशिक की मानें तो वे दोनों लंबे समय बाद जल्द ही उनकी फिल्म के प्रचार के लिए एक साथ सबके सामने आएंगे। सतीश कौशिक इस बात से बेहद खुश हैं, क्योंकि उनकी फिल्म को इस जोड़ी के एकजुट होने से खूब चर्चा मिलेगी। पिछले दिनों सतीश कौशिक से उनकी फिल्म तेरे संग के संदर्भ में मुलाकात हुई। उन्होंने बताया कि तेरे संग के बाद उनकी फिल्म मिलेंगे मिलेंगे प्रदर्शित होगी। शाहिद और करीना ने हाल में बिना किसी झिझक के उनकी फिल्म की डबिंग को पूरा किया। सतीश कौशिक के अनुसार, मैं शाहिद और करीना के प्रोफेशनल रवैये से बेहद खुश हूं। उन्होंने मुझसे वादा किया है कि वे मेरी फिल्म के प्रचार में पूरा सहयोग देंगे। मिलेंगे-मिलेंगे रोमांटिक फिल्म है। मैं अपनी इस फिल्म को लेकर कॉनफिडेंट हूं। मुझे यकीन है कि इस फिल्म में शाहिद और करीना की जोड़ी दर्शकों को थिएटर तक खींचकर ले आएगी।
शाहिद कपूर और करीना कपूर जब वी मेट के बाद आज तक आमने-सामने नहीं हुए हैं। मिलेंगे-मिलेंगे फिल्म में उनकी ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री और लंबे समय बाद रीयल लाइफ में दोनों को एक साथ देखना दिलचस्प होगा।
-रघुवेन्द्र सिंह

मैं अच्छा डांसर हूं: अक्षय कपूर | मुलाकात

वर्ष 2006 में अलग फिल्म से अक्षय कपूर को अच्छी पहचान मिली, लेकिन निजी परेशानियों की वजह से उन्हें अचानक ग्लैमर व‌र्ल्ड से दूर होना पड़ा। यही वजह है कि उनकी अगली फिल्म के प्रदर्शन में तीन वर्ष का लंबा गैप हो गया। अक्षय की इस वर्ष दो फिल्में, अंजुम रिजवी की फास्ट फारवर्ड और विक्रम भट्ट की थ्री प्रदर्शित होंगी। प्रस्तुत है, युवा अभिनेता अक्षय कपूर से बातचीत।
अलग के बाद आप अचानक कहां चले गए थे?
मेरी तबियत खराब हो गई थी। उसके प्रदर्शन के तुरंत बाद मुझे चार बार टाइफाइड और दो बार जॉन्डिस हुआ। मैं शारीरिक रूप से कमजोर हो गया था। विदेश गया और वहां इलाज करवाया। वर्ष 2007 में अंजुम रिजवी का फास्ट फारवर्ड फिल्म मिली।
फास्ट फारवर्ड के बारे में बताएं।
यह डांस पर आधारित फिल्म है। इसकी कहानी दो दोस्तों की है। दोनों डांसर हैं। उनकी ख्वाहिश फेमस कोरियोग्राफर बनना है। दोनों अपनी मंजिल तक कैसे पहुंचते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा। फिल्म में दोस्ती, प्रेम, तकरार जैसे कई इमोशंस हैं। मैं सनी की भूमिका निभा रहा हूं। सनी बदमाश है, लेकिन वह दिल का नेक है। मेरे साथ फिल्म में विनोद खन्ना, रेहान खान, भावना पानी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
इसमें किस तरह का डांस देखने को मिलेगा?
हिप-हॉप डांस। यह डांस की मुश्किल विधाओं में से एक है। अन्य कलाकारों ने शूटिंग से पहले दो महीने तक इसका प्रशिक्षण लिया। मुझे अधिक तैयारी नहीं करनी पड़ी। मुझे डांस करने में मजा आता है। अलग फिल्म के बाद लोग जान गए हैं कि मैं अच्छा डांसर हूं।
कल किसने देखा में आप छोटे रोल में दिखे?
मैंने वह फिल्म निर्देशक विवेक शर्मा की वजह से की थी। मैं उनके साथ काम करना चाहता था। मेरी वह इच्छा पूरी हो गई। मुझे फिल्म के परिणाम या अपनी भूमिका के छोटे किए जाने का कोई दुख नहीं है।
विक्रम भट्ट की थ्री में आप किस अंदाज में दिखेंगे?
यह सस्पेंस थ्रिलर फिल्म है। पहले इसका नाम पर्पल लेक था। मेरे अलावा इसमें आशीष चौधरी और नौशीन हैं। हम तीनों के इर्दगिर्द फिल्म की कहानी घूमती है। कहानी का खुलासा मैं अभी नहीं कर सकता। इतना जरूर कहूंगा कि मैं अपनी पिछली सभी फिल्मों से उसमें एकदम नए अंदाज में नजर आऊंगा।
कोई अन्य फिल्म साइन की है?
फिलहाल तो नहीं। मैं फास्ट फारवर्ड और थ्री के प्रदर्शन का इंतजार कर रहा हूं। इन फिल्मों से मुझे बहुत उम्मीद है। इनके प्रदर्शन के बाद मैं कोई नया प्रोजेक्ट लूंगा। यकीन है कि जल्द ही मेरा दिन आएगा।
-रघुवेन्द्र सिंह

Monday, July 13, 2009

अब थक चुकी हूं: रिमी सेन

हंगामा, बागबान, धूम, गरम मसाला, फिर हेराफेरी और गोलमाल जैसी सफल फिल्मों की अभिनेत्री रिमी सेन आजकल घर पर आराम फरमा रही हैं। दरअसल, उन्हें कुछ इंट्रेस्टिंग काम नहीं मिल रहा है। दे ताली उनकी प्रदर्शित होने वाली आखिरी फिल्म थी। डेढ़ साल के बाद अब उनकी पंकज आडवाणी निर्देशित फिल्म संकट सिटी आ रही है। प्रस्तुत है रिमी सेन से बातचीत।
आपकी फिल्मों की संख्या लगातार कम क्यों हो रही है?
मुझे इंट्रेस्टिंग फिल्में नहीं मिल रही हैं, तो क्या करूं? अब मैं फिल्मों में शो पीस नहीं बनना चाहती। मैंने तीन-चार साल तक फिल्मों में सिर्फ वही किया। हीरो के आगे-पीछे घूमती रही या फिर सजाकर सीन में कहीं खड़ी कर दी गई। अब मैं थक चुकी हूं। मेरी कई सफल फिल्में तो हैं, लेकिन अचीवमेंट कुछ नहीं। मुझे उन फिल्मों में काम करके संतुष्टि भी नहीं मिली। मैं ऐक्ट्रेस हूं। मुझे शो पीस बनने का शौक नहीं है।
आप किस तरह की फिल्में करना चाहती हैं?
मैं छोटी फिल्में करना चाहती हूं। कहानी में कसाव हो और मेरी भूमिका मजबूत हो। उस फिल्म का हिस्सा बनना चाहती हूं, जिसे दर्शक लंबे समय तक याद रखें। पंकज आडवाणी की संकट सिटी वैसी फिल्म है। उन्होंने जब फिल्म की स्क्रिप्ट मुझे सुनाई, तो मुझे लगा कि इस फिल्म में काम करके मुझे संतुष्टि मिलेगी। अब मैं बड़ी फिल्मों में छोटी भूमिकाएं करने के मूड में नहीं हूं।
संकट सिटी में खास क्या है?
फिल्म की कहानी हर इनसान की अपनी कहानी लगेगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत यही है। यह कॉमिक थ्रिलर है। मैं इसमें मोना की भूमिका निभा रही हूं। वह चोर है। मोना है तो लड़की, लेकिन वह हमेशा लड़कों की तरह रहती है। खास बात यह है कि मैं खुद रिअॅल लाइफ में ऐसी ही हूं। यह मत समझिए कि मैं चोर हूं। मैं भी लड़कों की तरह पेश आती हूं। मैं टॉम ब्वॉय हूं। फिल्म में मेरे अपोजिट केके मेनन हैं।
आजकल अभिनेत्रियां रणवीर कपूर और इमरान खान की नायिका बनना चाहती हैं। केके मेनन की नायिका बनने में आपको झिझक नहीं हुई?
मुझे अच्छा निर्देशक और अच्छी भूमिका मिलेगी, तो मैं किसी के साथ भी काम कर लूंगी। फिल्म साइन करते समय मैं हीरो नहीं देखती, बल्कि स्क्रिप्ट और अपनी भूमिका देखती हूं। मैं कभी यह डिमांड नहीं करती कि मुझे स्टार कलाकार के साथ काम करना है। मुझे खुद पर विश्वास है। मैं रणवीर और इमरान के साथ काम कर सकती हूं, लेकिन मेरी भूमिका में वजन होना चाहिए।
आप मीडिया से दूर क्यों रहती हैं?
मुझे मेकअप करना पसंद नहीं है। टीवी में आना है, तो अच्छा दिखना जरूरी है और अच्छा दिखने के लिए मेकअप करना पड़ता है। मुझे लड़कियों वाले काम पसंद नहीं हैं। मैं ज्यादा बात नहीं कर सकती, क्योंकि मैं हमेशा सच बोलती हूं। यही वजह है कि निर्माता-निर्देशक फिल्म के प्रचार के दौरान मुझे दूर रखते हैं। वे जानते हैं कि यदि फिल्म अच्छी नहीं होगी, तो मैं उसे मीडिया में अच्छा नहीं कहूंगी। मैं दर्शकों से झूठ नहीं बोल सकती।
तिग्मांशु धूलिया की शोमैन में आप 160 किग्रा की लड़की बनी हैं?
जी हां। मैं उस फिल्म में मोटी लड़की की भूमिका निभा रही हूं। वजन 160 किग्रा है। अनिल कपूर ने बधाई हो बधाई फिल्म में जैसी भूमिका की थी, उससे मेरा लुक मिलता है। इसके अलावा मेरे पास फिलहाल कोई फिल्म नहीं है।
क्या नया करने की ख्वाहिश है?
अच्छे लेखकों को ढूंढकर अच्छी स्क्रिप्ट लिखवाने की मेरी ख्वाहिश है। आजकल वाहियात स्क्रिप्ट लेकर लोग मेरे पास आते हैं। दो घंटे उन्हें सुनने के बाद लगता है कि समय बर्बाद हो गया। गनीमत है कि नए लोग छोटी और अच्छी फिल्में बना रहे हैं।
-रघुवेन्द्र सिंह

पापा के साथ काम करना चाहती हूं:सोनाक्षी सिन्हा

मुंबई. शाटगन यानी शत्रुघ्न सिन्हा की बेटी सोनाक्षी सिन्हा ने अपने पापा के साथ काम करने की इच्छा जताई है। दबंग से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत कर रही सोनाक्षी फिल्म में सलमान खान के अपोजिट दिखाई देंगी। दबंग का निर्देशन अभिनव कश्यप कर रहे हैं। सोनाक्षी के मुताबिक मैं पापा की बहुत बड़ी प्रशंसक हूं। मैं उस दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही हूं जब कोई निर्माता मुझे उनके साथ साइन करेगा। दबंग भी मैंने पापा की सहमति से साइन की है। अरबाज और सोहैल भाई से हमारे घरेलू संबंध हैं। फिल्म की स्कि्रप्ट सुनते ही मैंने हां कह दी। जब मैंने पापा को फिल्म के बारे में बताया तो उन्होंने कहा कि तुम इस फिल्म से डेब्यू कर सकती हो। फिल्म में मेरा किरदार गांव की लड़की का है। इसके लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ रही है। अपनी पहली फिल्म को लेकर सोनाक्षी बेहद उत्साहित हैं। वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि उन्हें सलमान खान के साथ डेब्यू करने का मौका मिला।
-रघुवेन्द्र सिंह