Sunday, May 8, 2011

जिया मां के सपने को-तहा शाह


यशराज फिल्म्स की नई खोज हैं तहा शाह। तहा को यशराज ने अपनी फिल्म लव का द एंड से लॉेन्च किया है। वे कैसे आए अभिनय की दुनिया में, अपने बारे में बता रहे हैं तहा अपनी जुबानी..।

आया हूं परदेस से : मैं दुबई में पैदा हुआ। मैंने अमेरिकी यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह में ग्रेजुएशन करने के लिए एडमिशन लिया, लेकिन यूनिवर्सिटी का माहौल मुझे जमा नहीं। मैं चार महीने में निकल गया। मां कंस्ट्रक्शन इंडस्ट्री में काम करती हैं। मैंने नौ महीने उनके साथ काम किया। उन्होंने 2007 में मुझे अपने एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में हैदराबाद भेजा। मैंने कंस्ट्रक्शन का काम शुरू किया, लेकिन मन नहीं लगा, इसलिए पांच महीने में दुबई लौट गया। दुबई में लौटकर मैंने रीयल एस्टेट का बिजनेस शुरू किया। बाद में डैड और मैंने मिलकर स्टील कंपनी शुरू की। हमने डीजल का भी बिजनेस किया। 2008 में फाइनेंशिअल क्राइसेस आया। जिसमें हमारे बिजनेस का सत्यानाश हो गया।
एक्टिंग में आने का फैसला किया: दुबई में मुझे मॉडलिंग के काम मिलते थे। तीन-चार माह में मैं एक ऐड कर लेता था। बिजनेस में नुकसान होने के बाद मैं कनाडा गया। मैं घर से पैसे नहीं मांग सकता था। तब मैंने सोचा कि अब मुझे स्थायी करियर चुनना होगा। मैंने मॉडलिंग और एक्टिंग को चुना। मैं एक्टिंग कोर्स करने के लिए लॉस एंजिल्स जाने वाला था। लेकिन डैड ने कहा कि तुम मुंबई जाओ और बॉलीवुड का एक्टिंग मेथड सीखो। बाद में हिंदी फिल्मों में ही काम करना है। मैंने मुंबई आने का फैसला किया। मैं इंडियन हूं। मेरी मां मिर्जापुर की हैं।
तैयारी के साथ आया : मैंने मुंबई आने से पहले किशोर नमित एक्टिंग स्कूल में फोन किया। शुरू में अंधेरी ईस्ट में एक होटल में ठहरा। फिर फ्लैट का इंतजाम किया। इसी दौरान मैंने मार्शल आर्ट सीखना शुरू किया। मैंने ताइक्वांडो सीखा है। तलवारबाजी सीख रहा हूं। पुणे से मैंने वॉयस ओवर सीखी है।
हूं लकी : कास्टिंग डायरेक्टर शानू जी के जरिए मुझे यशराज की फिल्म मिली। मैं बहुत लकी हूं कि मेरी पहली फिल्म यशराज बैनर की है। यशराज ने मेरे साथ तीन फिल्मों का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। लव का द एंड की म्यूजिक रिलीज के दिन मां आई थीं। उन्होंने स्टेज पर आकर मुझसे कहा कि तुमने मेरा सपना पूरा कर दिया। दरअसल, मेरी मां को बचपन में फिल्मों में काम करने का ऑफर मिला था, लेकिन उनकी अम्मी फिल्मों में काम करने के खिलाफ थीं। अब मैं अपनी मां के सपनों को पूरा कर रहा हूं।
लव का द एंड : फिल्म लव का द एंड में मैंने लव नंदा का किरदार निभाया है। उसके फादर स्मगलर टर्न पॉलिटिशियन हैं। लव बहुत अमीर है। कॉलेज में सब उसके दोस्त बनना चाहते हैं। लव को हारना पसंद नहीं है। उसे जो चीज पसंद आ जाती है, वह उसे हर कीमत पर हासिल करता है। यह गर्ल सेंट्रिक और एक दिन की कहानी है।
-रघुवेंद्र सिंह 

1 comment:

amit said...

मैं भी मिर्जापुर का रहने हूँ। मैं भी एक्टिंग सीखना चाहता हूँ, लेकिन कहाँ से पता नही।